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(संबलपुर): पश्चिम ओडिशा के संबलपुर जिले में ओडिशा हाईकोर्ट (कटक) की बेंच स्थापित करने की मांग को लेकर वकीलों का प्रतिनिधि मंडल 6 अगस्त को मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से मिलेगा। वकीलों की सेंट्रल एक्शन कमेटी की हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक सेंट्रल एक्शन कमेटी में शामिल 32 बार एसोसिएशनों के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हैं।
जिलाधिकारी समर्थ वर्मा ने 15 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल को मुख्यमंत्री से भेंटवार्ता के लिए उनके कार्यालय में नाम भेजे हैं। यह मांग बीते करीब 50 साल से चल रही है। आए दिन आंदोलन होते हैं पर सरकार आश्वासन का झुनझुना थमाकर पल्ला झाड़ लेती है। पश्चिम ओडिशा के करीब 9 जिलों के वादकारियों को तीन सौ किलोमीटर तक केस की सुनवाई के मौके पर जाना पड़ता है। सुंदरगढ़ का एक मुकदमा तो 28 साल से हाईकोर्ट में चल रहा है।
मामले ने राज्यसभा में पकड़ा तूल
संबलपुर में बेंच की स्थापना का मामला शुक्रवार को राज्यसभा में चर्चा में आया था। बीजू जनता दल के प्रसन्न आचार्य के सवाल का जवाब देते हुए विधि एवं न्याय राज्य मंत्री पीपी चौधरी ने कहा था कि राज्य सरकार की ओर से अब तक प्रभावी पैरवी न हो पाने से विलंब हो रहा है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का आधाअधूरा पत्र केंद्र सरकार के विभाग में 2013 से पड़ा है जिसमें वांछित सूचनाएं तक नहीं हैं। इसका प्रस्ताव हाईकोर्ट की बेंच को न्यायोचित मुख्यमंत्री, चीफ
जस्टिस व राज्यपाल की सिफारिश के साथ भेजने पर विचार किया जा सकता है।
सीएम ने भेजी थीं अधूरी चिट्ठी
ज्ञातव्य हो कि 2013 में बेंच स्थापना का आंदोलन जोर पकड़ते ही सीएम नवीन पटनायक ने एक पत्र केंद्र को भेजा था जिसमें साफ लिखा था पश्चिम ओडिशा और दक्षिण ओडिशा में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित की जानी चाहिए। अधूरी चिट्ठी के कारण कोई सुनवाई नहीं हुई। बैठक की अध्यक्षता सेंट्रल एक्शन कमेटी अशोक दास ने की तथा संचालन बी.जितेंद्र प्रधान ने किया।
Published on:
05 Aug 2018 03:07 pm
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