
Mukesh Chandrakar: पत्रकार मुकेश चंद्राकर पर धारदार हथियार से कई वार किए गए। पहले मुकेश को हथियार से मारा गया फिर सेप्टिक टैंक में डालकर टैंक के ऊपर ढलाई कर दी गई। बीजापुर के पत्रकारों का कहना है कि सुनियोजित तरीके से मुकेश की हत्या की गई है। हत्यारों ने निर्मम हत्या कर शव को सेप्टिक टैंक में डाल दिया।
पत्रकारों ने जब नई कांक्रीट को देखा तो शक गहराया। इसके बाद पुलिस ने उस सेप्टिक टैंक को जेसीबी से तोड़ा तो सभी पत्रकार सहम गए। शव को सेप्टिक टैंक से निकला गया। शव पर आधा दर्जन से अधिक वार धारदार हथियार से किए मिले। इस वारदात ने सभी पत्रकारों को अंदर से झकझोर दिया है।
पत्रकारों का कहना है ठेकेदार सुरेश चंद्राकर और उसके भाई रितेश चंद्राकर की हत्या में अहम भूमिका है। हालांकि इस मामले में संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, लेकिन अभी तक आरोपी चंद्राकर भाइयों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। हालांकि बीजापुर एसपी ने कहा है कि आरोपी जल्द ही गिरफ्त में होंगे।
हत्या के बाद पुलिस को जांच में रायपुर से कुछ अहम सुराग मिले हैं। ठेकेदार सुरेश के छोटे भाई रितेश चंद्राकर की कार सीजी-20-3333 रायपुर एयरपोर्ट के बाहर खड़ी मिली। (chhattisgarh news) जानकारी के अनुसार रितेश गुरुवार सुबह 6.40 बजे दिल्ली की फ्लाइट से फरार हो गया।
माथे, सीने और सिर पर कई वार किए गए मुख्य आरोपी और उसका भाई अब भी फरार पुलिस ने कहा- आरोपी जल्द गिरफ्त में होंगे बस्तर जिला पत्रकार संघ ने घटना की निंदा की।
मृतक मुकेश चंद्राकर के बड़े भाई पुरुषोत्तम चंद्राकर एसपी के सामने बिलखते दिखे। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस देश में साहब लोकतंत्र नहीं है। आप बड़े अधिकारी है और हम छोटे कर्मचारी। पुरुषोत्तम पेशे से शिक्षक हैं। वे रोते हुए कहते हैं कि पैसे वाले लोग हैं किसी की भी हत्या कर सकते हैं। पत्रकारों से विनती है किसी भी सड़क पर खबर मत लिखो। अगर भ्रष्टाचार हो रहा है तो होने दो। इस देश में लिखकर कुछ नहीं किया जा सकता है, लिखोगे तो मेरे भाई जैसा ही हश्र होगा।
बीजापुर के पत्रकारों की माने तो यह सुनियोजित हत्या है। मुकेश चंद्राकर 1 जनवरी को सभी पत्रकारों को नए साल की शुभकामनाएं दे रहे थे। यह सिलसिला मुकेश की ओर से दोपहर तीन बजे तक जारी रहा। बीजापुर के पत्रकार बताते हैं कि रितेश चंद्राकर ने उसे फोन करके बुलाया। बस स्टैंड के पीछे चट्टानपारा स्थित अपने बैडमिंटन कोर्ट में ले गया। यहां पूरी बाउंड्री है।
आधा दर्जन से अधिक कमरे बने हुए हैं। पहले घटना स्थल पर ऐसा कोई सुराग नहीं मिला जिसे देखकर लगे कि मौके पर हत्या हुई है। हत्यारों ने मुकेश चंद्राकर के माथे पार वार किया है। चोट का गहरा निशान है। सिर के पीछे और सीने पर भी धारदार हथियार से वार हुआ है। इसके बाद सेप्टिक टैंक में शव को फेंका गया है। सेप्टिक टैंक पर मोटी सीमेंट की मोटी परत चढ़ा दी गई।
समूचे बस्तर ही नहीं पूरे राज्य के पत्रकारों में इस घटना के बाद शोक की लहर है। बस्तर जिला पत्रकार संघ ने घटना की तीव्र निंदा की है। मांग की गई है कि ठेकेदार और इस हत्या से जुड़े सभी लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उसके जो भी वैध अवैध निर्माण हैं उन पर बुलडोजर चलना चाहिए। वह जो भी सरकारी कार्य कर रहा है, उन सभी को तत्काल प्रभाव से निरस्त करना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। शनिवार को बीजापुर बंद रहेगा।
Mukesh Chandrakar: बीजापुर, एसपी जितेंद्र यादव: इस प्रकरण में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कारवाई की जाएगी। हत्या में जो भी लोग शामिल हैं उनको जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
Updated on:
04 Jan 2025 05:58 pm
Published on:
04 Jan 2025 12:10 pm
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