
बिजनौर. करवा चौथ का व्रत महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, सावित्री ने यमराज से भी अपने पति के प्राणों की रक्षा की थी। आज भी अनेकों महिलाएं व्रत के साथ-साथ पति की लंबी आयु के लिए अपना जीवन तक दांव पर लगा देती हैं। इन्हीं में से एक हैं बिजनौर के गांव शादीपुर की शिक्षिका शकुन बाला। शकुन बाला ने करवा चौथ पर ही अपने पति के नए जीवन के लिए किडनी डोनेट करने का निर्णय लिया है। अब 8 नवंबर को यानी अहोई अष्टमी के दिन शकुन अपने पति को किडनी डोनेट करेंगी।
दरअसल, बिजनौर जिले के गांव शादीपुर निवासी शकुन बाला पूर्व में शिक्षामित्र थी। हाल ही में की गई शिक्षक नियुक्ति में उन्हें शिक्षक के रूप में नियुक्ति मिल गई है। शकुन बाला के पति भोगेंद्र सिंह पेशे से किसान हैं। वह काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। इलाज के दौरान चिकित्सकों ने बताया कि उनके दोनों गुर्दे खराब हो गए हैं और गुर्दों की क्षमता काम करने लायक नहीं रही है। यह सुनते ही शकुन बाला के पैरों तले जैसे जमीन ही न रही। उन्होंने कई जगह पति को दिखाया, लेकिन हर जगह किडनी के प्रत्यारोपण की बात कही गई। शकुन बाला ने पति की सेवा के साथ उनका पूरा इलाज करा रही हैं। वर्तमान में उनके पति का इलाज मेरठ के एक हॉस्पिटल में चल रहा है। शकुन बताती हैं कि सप्ताह में दो बार पति की डायलिसिस करानी पड़ती है।
नहीं मिला कोई डोनेटर
शकुन बताती हैं कि उन्होंने किडनी के लिए डोनेटर को भी काफी तलाश किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी। इसलिए अब उन्होंने अपनी एक किडनी डोनेट करने का फैसला लिया है। शकुन बाला बताती हैं कि डॉक्टर ने बताया है कि एक किडनी से व्यक्ति आसानी से जीवित रह सकता है। फिर मेरे लिए तो यह गर्व की बात है कि मेरा कोई अंग मेरे पति के जीवन के काम आ रहा है।
फैसले की हर कोई कर रहा तारीफ
शकुन बाला ने बताया कि गुर्दा प्रत्यारोपण के लिए लंबी कागजी कार्यवाही करनी पड़ रही है। इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिलाधिकारी से भी अनुमति लेनी पड़ी है। उन्होंने बताया कि उनके पास अस्पताल से फोन आया है कि आगामी 8 नवंबर को मेरठ में गुर्दा प्रत्यारोपण का ऑपरेशन किया जाएगा। करवा चौथ के अवसर पर उनके लिए इससे बड़ी खुशी की खबर कोई और नहीं हो सकती। उनके इस फैसले को लेकर लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं।
Published on:
04 Nov 2020 01:58 pm
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