
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
बिजनौर। मुरादाबाद में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात एक सिपाही ने रेप के मामले में शनिवार को बिजनौर थाना कोतवाली शहर पहुंचकर सरेंडर कर दिया है। रेप के मामले में सिपाही हाईकोर्ट में स्टे के लिए गया हुआ था। लेकिन पास्को एक्ट सहित 376 धारा के मामले में सिपाही को राहत न मिलने पर सिपाही ने थाने पहुंचकर सरेंडर किया और महिला पर उसको झूठा फंसाने का आरोप लगाया है। उधर सिपाही के सरेंडर करने के मामले में एसपी ने बताया कि पुलिस द्वारा सिपाही को गिरफ्तार कर लिया गया है।
दरअसल, मुरादाबाद में तैनात हेड कांस्टेबल मनोज रस्तोगी पर 31 अक्टूबर को एक महिला ने थाने में उसकी बेटी के साथ रेप के मामले में कॉन्स्टेबल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले को लेकर पुलिस ने कांस्टेबल मनोज रस्तोगी को थाने में आने के लिए कहा था। लेकिन आरोपी मनोज रस्तोगी के थाने ना पहुंचने पर पुलिस ने आरोपी के मकान में कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया था। इस प्रकरण को लेकर आरोपी मनोज रस्तोगी का कहना है कि महिला द्वारा उसको झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है।
आरोप है कि महिला ने एक बार रेप का मुकदमा लिखवा कर उससे समझौता भी कर लिया था। लेकिन 31 अक्टूबर को महिला ने फिर से थाना कोतवाली शहर में मेरे खिलाफ बेटी के साथ रेप करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। इस घटना को लेकर मैं हाई कोर्ट स्टे के लिए गया था।लेकिन स्टेन ना मिलने पर मैं अपने वकील गौरव गोयल के साथ बिजनौर थाना कोतवाली शहर में सरेंडर करने आया हूं।
उधर रेप के आरोपी हेड कांस्टेबल के मामले को लेकर एसपी बिजनौर डॉ धर्मवीर सिंह ने बताया कि एक महिला द्वारा अपने बच्ची के रेप के मामले में आरोपी सिपाही के खिलाफ थाना कोतवाली शहर में पास्को एक्ट व 376 धारा में मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसमें की पुलिस ने आरोपी सिपाही मनोज रस्तोगी को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी आगे की कार्रवाई की जा रही है।
Published on:
26 Dec 2020 03:48 pm
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