
पूरे प्रदेश में करीब 40 हजार 544 तृतीय श्रेणी शिक्षकों को तीन साल से बोनस व एरियर नहीं मिला है। इन शिक्षकों को 2012 के बाद से कई जिलों में स्थाईकरण होने पर यह राशि नहीं मिली। यह सरकार और विभाग की बड़ी खामी का ही नतीजा है। इन शिक्षकों को सरकार की तरफ से करीब 12 अरब रुपए का बजट जारी होने का इंतजार है।
इन शिक्षकों की नियुक्ति 21 जुलाई, 2012 को हुई और इनका वर्ष 2014 में ही प्रोबेशन पूरा हो गया। इसके बाद भी सितंबर-2014 से मार्च-2016 तक ये शिक्षक प्रोबेशन में मिल रहे फिक्स वेतन पर ही काम करते रहे। मार्च-2016 के बाद इनका वेतन नियमितीकरण किया गया। इन शिक्षकों ने कई बार मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री तथा वित्तीय सलाहकार (प्रारंभिक शिक्षा) को बताया, लेकिन आज तक इन शिक्षकों को बोनस व एरियर नहीं मिला है।
हर शिक्षक का दो से ढाई लाख बकाया
इनमें प्रत्येक शिक्षक का दो से ढाई लाख रुपए का एरियर बकाया है। एेसे में शिक्षक और उसका परिवार सालों से बिना बोनस व एरियर ही तीन साल दिवाली निकाल रहे हैं।
शिकायत नहीं मिलीे
अभी तक इस संदर्भ में एेसी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अगर कोई मेरे पास आएगा तो विभागीय नियमानुसार एवं प्रावधान के तहत बोनस व एरियर दिया जाएगा।
सुखरामा राम, वित्त सलाहकार, प्रारंभिक शिक्षा
बजट की कमी
शिक्षकों के एरियर व बोनस के भुगतान के लिए बजट की कमी है। आगामी समय में बजट की बैठक के दौरान अगर बजट प्राप्त हो जाता है तो इनको भुगतान कर दिया जाएगा।
उमाशंकर किराडू, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रारम्भिक शिक्षा बीकानेर
संघ तैयार
सरकार और शिक्षा निदेशालय शिक्षकों के साथ कई सालों से अन्याय कर रहा है। इनको समय रहते एरियर और बोनस नहीं मिला तो शिक्षकों के साथ आंदोलन के लिए संघ तैयार है।
किशोर पुरोहित, प्रदेश संरक्षक, शिक्षक संघ भगतसिंह
हर संभव प्रयास
शिक्षकों को पिछले तीन सालों से बोनस और एरियर नहीं देना सरकार और विभाग की नाकामी को दर्शाता है। संघ इस वर्ष शिक्षकों को बोनस दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
श्रवण पुरोहित, प्रदेश मंत्री, शिक्षक संघ शेखावत
Published on:
14 Oct 2017, 7:59 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.