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आर्टिफीसियल फूलों के प्रति शहरवासियों का बढ़ रहा आकर्षण

इन दिनों दीपावली के त्योहार को देखते हुए आर्टिफिशियल फूल, गुलदस्तें, बंधनवार मालाएं, फ्लावर पॉट, प्लांट, गमले सरीखे आइटम लोगों की पसंद बने हुए हैं।
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बीकानेर

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Anushree Joshi

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Updated: 13 Oct 2017, 3:01 PM IST

artificial flowers

'फूल सदा मुस्कुराते है, हमको यही बताते हैं। मीठे बोल सदा ही कहना, उपवन को महकाते रहना। फूल चाहे कैसा भी हो सदैव मुस्काते रहता है। उनसे घर-आंगन की बगिया महकती है। कवि की यह पंक्तियां इन दिनों बीकानेर में साकार हो रही है। खुशबूदार फूलों के साथ ही आजकल बनावटी फूल, गुलदस्तें भी घर-आंगन की सजावट में चार चांद लगाते हैं।

यही वजह है दीपावली के मौके पर बाजारों में इनकी भरमार है। तो इनके कदरदानों की भी कमी नहीं है। त्योहार पर घर-आंगन का सौन्दर्य बढ़े इसके लिए महिलाएं खास तौर पर तैयारियों में जुट जाती है। इन दिनों दीपावली के त्योहार को देखते हुए आर्टिफिशियल फूल, गुलदस्तें, बंधनवार मालाएं, फ्लावर पॉट, प्लांट, गमले सरीखे आइटम लोगों की पसंद बने हुए हैं।

100 से 800 रुपए तक
शहर में इन दिनों कई स्थानों पर सजी स्थायी और अस्थाई दुकानों पर इस तरह के आइटमों की भरमार है। विक्रेता मुकेश भाटिया बताते है कि युग के अनुसार लोगों का ट्रेड बदल गया है, आजकल इस तरह के आइटमों की अधिक मांग है। गुलाब, सूरजमुखी, ब्लोसम, मोगरा, चेरी फु्रट सहित विभिन्न नामों के यह बनावटी फूल 100 से 800 रुपए की दर से बिक रहे हैं। यह आइटम क्रिस्टल, कागज, कपड़े और लकड़ी से निर्मित है।

मंदी का असर
दुकानदारों की माने तो इस बार दीपावली को लेकर बाजार में अभी तक मंदी का दौर चल रहा है। खासकर प्रत्येक आइटमों पर जीएसटी लागू होने से भी बिक्री पर असर पड़ रहा है।

दिवाली पर मारवाड़ जनसेवा समिति देगी सेवा
दीपावली पर्व पर हादसों में लोगों को सहायता मुहैया कराने के उद्देश्य से मारवाड़ जनसेवा समिति की ओर से तीन दिन सेवा दी जाएगी। इसके लिए पीबीएम अस्पताल के ट्रोमा सेंटर हेल्पलाइन सेंटर शुरू किया गया है, जो १८ से २० अक्टूबर तक चालू रहेगा। समिति अध्यक्ष रमेश व्यास ने बताया कि दीपापली पर आतिशबाजी के दौरान आमजन विशेषकर बच्चे हादसे का शिकार हो जाते हैं। घायलों की सेवा के लिए समिति हरसंभव मदद को तैयार रहेगी।

किसी भी तरह के हादसा की सूचना हेल्पलाइन नंबर 9413870311 और 9588083725 पर दी जा सकती है। इसके लिए समिति की ओर से एक एम्बुलेंस तैनात रहेगी। अस्पताल पहुंचने वाले घायलों को पीबीएम अस्पताल से नहीं मिलने वाली दवाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी। हेल्पसेन्टर की व्यवस्था को लेकर समिति की बैठक हुई। इसमें हरिकिसन सिंह राजपुरोहित, राजेन्द्र मोदी, पूनमचंद राठौड़, कालू पाण्डे, गोपाल मोदी, ओम पुरोहित, कमल जोशी, श्रीमोहन पुरोहित, श्यामसुंदर सोनी, प्रवीण सेठिया, कृष्णा सेठिया ट्रोमा सेन्टर के सीएमओ एलके कपील एवं नर्सिंग स्टाफ यूसूफ, भवानी टाक, सुनील शर्मा आदि उपस्थित थे।