अधिक मास में क्यों करते है 33 वस्तुओं का दान
पुरुषोत्तम (अधिक) मास के 33 देवता माने गए है। यथा: विष्णु, महाविष्णु, हरि, कृष्ण, अधोक्षज, केशव, माधव, राम, अच्युत, पुरुषोत्तम, गोविन्द, वामन, श्रीश, श्रीकान्त, विश्वाक्षी, नारायण, मधुरिपु, अनिरुद्ध, त्रिविक्रम, वासुदेव, प्रधुम्न, दैत्यारि, विश्वोमुख, जनार्दन, पद्मनाभ, दामोदर, श्रीपते, श्रीधर, गरुडध्वज, ऋषिकेश। इन 33 देवताओं की प्रसन्नता के लिए श्रद्धालु 33 की संख्या में वस्तुओं का दान करते है।