अधिक मास के दौरान मुंडन संस्कार कराना भी वर्जित माना गया है, क्योंकि यह महीना शुभ कार्यों के लिए नहीं बना है।
अधिक मास में कोई भी दिन बिना पूजा पाठ के नहीं बिताना चाहिए, मान्यता है कि अधिक मास में अधिका अधिक पूजा पाठ करने से अधिक फल मिलता है, इसलिए इसको अधिक मास कहा जाता है।
अधिक मास में महिलाओं को अपने बाल नहीं कटवाने नहीं चाहिए, ऐसा करने से भगवान नाराज होते हैं
इस महीने में झूठ, हिंसा, अत्याचार और चोरी जैसे पाप कर्म नहीं करने चाहिए ।
किसी भी पवित्र तीर्थ स्थल, देवी देवता या पूज्यनीय नदी या सरोवर तालाब के लिए भूल कर भी अपशब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए ।
अधिक मास का महीना भगवान विष्णु का महीना है, ऐसे में इस समयावधि के दौरान पृथ्वी पर्यावरण प्रकृति का उल्लंघन का कार्य नहीं करना चाहिए। साथ ही हरे भरे पेड़ पौधों नहीं काटना चाहिए। तुलसी के पौधे का निरादर नहीं करना चाहिए।