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कृषि विभाग की योजना: जौ की बुआई के लिए मिलेगा प्रोत्साहन

मौसम की प्रतिकूलता के चलते इन दिनों गर्मी से किसानों को हो रहे नुकसान से बचाने के लिए कृषि विभाग ने एक नई योजना शुरू की है।
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बीकानेर

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dinesh kumar swami

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Updated: 4 Jan 2018, 11:40 AM IST

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जौ की फसल

लूणाराम वर्मा/महाजन. मौसम की प्रतिकूलता के चलते इन दिनों गर्मी से किसानों को हो रहे नुकसान से बचाने के लिए कृषि विभाग ने एक नई योजना शुरू की है। योजना के तहत किसानों को जौ की बुआई के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही नाममात्र की दर पर बीज सहित अन्य सामग्री भी उपलब्ध करवाई जा रही है।

गौरतलब है कि इस बार क्षेत्र में मौसम की प्रतिकूलता के चलते कृषि कुओं से सिंचित खेतों में दो बार बुआई करने के बाद भी सरसों की फसल सफल नहीं हो पाई है। इससे किसान कर्ज के बोझ तले दब चुके है। इस परेशानी से किसानों को बचाने के लिए कृषि विभाग ने जौ की बुआई के प्रति जागरूकता का प्रयास किया है।

यह दी जा रही सुविधा
कृषि विभाग की ओर से तापमान के अनुकूल इस बार किसानों को सरसों की अपेक्षा जौ की बुआई करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। विभाग की आेर से महज 265 रुपए में एक हैक्टेयर में बुआई के लिए एक क्विंटल जौ का बीज, खाद व अन्य सामग्री की किट वितरित की गई है। कृषि अधिकारियों के अनुसार चार बीघा में जौ की बुआई के लिए किसान को इस किट के अलावा कोई खाद बीज बाजार से नहीं खरीदना पड़ेगा।

24 सौ बीघा में हो चुकी है बुआई
कृषि अधिकारियों ने मिली जानकारी के मुताबिक गर्मी को देखते हुए इस बार विशेष अभियान के तहत लूणकरनसर क्षेत्र में एक हजार हैक्टेयर में जौ की बुआई का लक्ष्य रखा गया था। महाजन व शेखसर क्षेत्र में 600 हैक्टेयर यानी 2400 बीघा में इस बार जौ की बुआई के लिए किट का वितरण किया गया है।

किसान उठाएं फायदा
इस बार सरसों की बुआई के लिए मौसम अनुकूल नहीं होने से जौ की बिजाई के लिए कृषि विभाग की ओर से किसानों को जागरूक किया गया है। महाजन व शेखसर क्षेत्र में 24 सौ बीघा में जौ की बुआई के लिए 265 रुपये की दर से किट का वितरण किया जा चुका है। कृषि विभाग की यह नई पहल बहुत ही कारगर है। किसानों का इसका लाभ उठाना चाहिए।
डॉ. जगदीश प्रसाद बिश्नोई, कृषि अधिकारी लूणकरनसर।