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सातवें वेतनमान से कर्मचारी जगत में नाराजगी

कर्मचारियों को देय वेतनमान में भारी कटौती थोपकर कर्मचारियों को नुकसान पहुंचाने का आरोप राज्य सरकार पर लगाया।
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बीकानेर

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dinesh kumar swami

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Updated: 1 Nov 2017, 1:22 PM IST

seventh pay commission

सातवें वेतनमान

बीकानेर . सातवें वेतनमान से कर्मचारी जगत में नाराजगी है। मंगलवार को विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने सातवें वेतनमान को तोड़-मरोड़ कर लागू करने और कर्मचारियों को देय वेतनमान में भारी कटौती थोपकर कर्मचारियों को नुकसान पहुंचाने का आरोप राज्य सरकार पर लगाया।अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ जिला शाखा के अध्यक्ष जयकिशन पारीक ने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों के 22 माह का एरियर हजम कर कर्मचारियों को नुकसान पहुंचाया है।

पारीक के अनुसार सरकार ने 1984 व 1989 में कर्मचारी महासंघ के साथ केन्द्र के समान वेतन भत्तों के लिखित समझौते को भी तोडऩे का काम किया है। जिला महांत्री पृथ्वीराज लेघा के अनुसार नोटिफिकेशन में सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को तोड़-मरोड़कर लागू किया है, जिससे कर्मचारियों में रोष है।

किया आहत
राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के जिलाध्यक्ष संजय पुरोहित ने देय वेतनमान में कटौती पर रोष जताया। पुरोहित के अनुसार मंत्रालयिक कर्मचारियों, सूचना सहायकों, व्याख्याता व पुलिस अधिकारियों के समझौते को लागू नहीं करके धोखा किया है। प्रदेश मंत्री श्रवण पुरोहित के अनुसार 2013 में लम्बे संघर्ष के बाद वेतन विसंगतियों को दूर करने में वेतनमानों में जो वृद्धि की गई थी, उसे समाप्त करके उनको आहत किया गया है।

कर्मचारी हितों के विपरीत कार्य बताया
नर्सेज नेता महिपाल चौधरी ने कहा कि सातवें वेतनमान की अधिसूचना से कर्मचारियों की उम्मीदों पर पानी फिरा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से कर्मचारियों को 21 माह का एरियर नहीं दिया जाना अनुचित है। श्रवण कुमार वर्मा के अनुसार दो वेतन वृद्धियों का खमियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि घोषणा पत्र में कर्मचारियों के लिए अलग से कर्मचारी कल्याण परिषद की घोषणा करने वाली सरकार कर्मचारी हितों के विपरीत कार्य कर रही है।

महिलाओं को मिले 33 प्रतिशत आरक्षण
बीकानेर. शहर जिला महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष सुनीता गौड़ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमण्डल ने मंगलवार को जिला कलक्टर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि महिलाओं को पुरुषों के समान प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए कांग्रेस पार्टी हमेशा से ही कार्य करती रही है।

महिलाओं को 33 प्रतिशत संवैधानिक आरक्षण मिले, ताकि उनकी लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा, नगरीय निकायों व पंचायत इकाइयों में मौजूदगी बढ़ सके। भाजपा की केन्द्र व राज्य सरकार हर मोर्चे पर जुमलेबाज साबित हो रही है।
जिला प्रभारी सरोज सरगरा ने कहा कि इस संबंध में चलाए गए हस्ताक्षण अभियान में 32 लाख छह हजार 257 महिला एवं पुरुषों ने हस्ताक्षर किए थे, जिसका ज्ञापन राष्ट्रपति को 23 अक्टूबर को दिया गया। इस अवसर पर शहर उपाध्यक्ष मनभरी विमला फ ोगा, मुमताज बानो, इंदिरा शर्मा, सपना तिवाड़ी, मुमताज शेख, गीता सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।