यह है मामला
आरोपी जोगेन्द्र के खिलाफ 28 मई, 2004 को इन्द्रा कॉलोनी में रहने वाले चन्द्रप्रकाश शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया था कि पटियाला की कम्पनी डायमण्ड विजन प्राइवेट लिमिटेड ने समाचार पत्रों में विज्ञापन निकालकर कम्प्यूटर जॉब वर्क देने का झांसा देकर बीकानेर के दर्जनों युवाओं से करोड़ों रुपए ऐंठ लिए और यहां से फरार हो गए। 28 अक्टूबर, 2004 को न्यायालय ने आरोपी को भगौड़ा घोषित कर दिया था। 12 जनवरी, 2016 को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने इस आरोपी पर तीन हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया था।