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बालक को श्वान ने काटा, चेहरे पर लगे 34 टांके

पशुओं को डालने जा रहा था चारा, पीबीएम में भर्ती, जिले में एक पखवाड़े में दूसरी बड़ी घटना
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बीकानेर

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Anushree Joshi

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Updated: 21 Feb 2018, 8:47 AM IST

dog bite

जिलेभर में श्वानों का आतंक फैल रहा है। आवारा श्वानों के आमजन को काटने की घटनाएं आए दिन सामने आ रही हैं। एक पखवाड़े पहले बीकानेर में स्कूल में प्रार्थनासभा के दौरान सात वर्षीय बालक को श्वान ने काट लिया था। उस हादसे को शहरवासी भुला भी नहीं पाए थे कि एक और हृदयविदारक घटना नोखा तहसील के गजसुखदेसर गांव में घट गई।

वहां अपने घर के बाड़े में पशुओं को चारा डालने जा रहे १३ वर्षीय बालक को श्वानों ने बुरी तरह नोंच डाला। बालक की हालत गंभीर है, उसे पीबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसके चेहरे पर ३४ टांके लगाए गए हैं। गजसुखदेसर निवासी रामलाल मेघवाल का बेटा राजाराम सोमवार शाम को पशुओं को चारा डालने गया था। तभी आवारा श्वानों ने उस पर हमला कर दिया।

बच्चे के चिल्लाने की आवाज सुनकर घरवाले और पड़ोस के लोग दौड़कर आए। उन्होंने बालक को बमुश्किल श्वानों से छुड़वाया। श्वानों ने बालक के चेहरे को नोंच डाला था। परिजन उसे पहले नोखा के राजकीय बागड़ी अस्पताल और बाद में पीबीएम अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका इमरजेंसी में ऑपरेशन किया गया।

पहले भी हो चुकी है घटना
गजसुखदेसर में तीन दिन पहले भी आवारा श्वानों ने छह पशुओं को काट लिया था, जिसमें से तीन की मौत हो गई। तीन पशुओं को मुकाम गोशाला में भर्ती कराया गया है।

अधिकारियों को अवगत कराया
गांव में आवारा श्वानों की संख्या बढ़ रही है। आए दिन आमजन व पशुओं को काट रहे हैं। आवारा श्वानों को पकडऩे की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों को श्वानों से अत्यधिक खतरा है। आवारा श्वानों को पकड़वाने के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है।
शारदा देवी, सरपंच, गजसुखदेसर

वार्ड में भर्ती
बच्चे की हालत बेहद खराब थी। बच्चे के चेहरे पर ३४ टांके आए हैं। श्वानों ने चेहरे को जगह-जगह से काट लिया। गनीमत रही कि बच्चे की आंख बच गई। बालक शिशु अस्पताल के वार्ड में भर्ती है। हालांकि उसकी हालत में कुछ सुधार है।
डॉ. गिरीश प्रभाकर, विभागाध्यक्ष, शिशु शल्य चिकित्सक