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राजस्थान के इस शहर में 53 वर्षों से मुफ्त यात्रा कर रही हैं बेटियां

विश्व शांति एवं सर्वधर्म एकता यात्रा के तहत बेटियों को रामदेवरा की नि:शुल्क यात्रा करवाई जा रही है। यह व्यवस्था 53 साल चल रही है।
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बीकानेर

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Anushree Joshi

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Updated: 3 Oct 2017, 10:17 AM IST

females traveling free from last 53 years

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से राज्य सरकार बेटियों को बढ़ावा दे रही है, रक्षाबंधन पर महिलाओं को फ्री यात्रा करवाती है। एेसे ही बीकानेर एकमात्र ऐसा जिला है, जहां विश्व शांति एवं सर्वधर्म एकता यात्रा के तहत बेटियों को रामदेवरा की नि:शुल्क यात्रा करवाई जा रही है। यह व्यवस्था 53 साल चल रही है।

हर साल 1500 बालिकाएं करती है नि:शुल्क यात्रा

आंकड़ों पर गौर करें तो हर साल करीब 1500 बालिकाओं और युवतियों को निशुल्क यात्रा करवाई जाती है। बीकानेर से रामदेवरा और वहां से वापस बीकानेर तक प्रतिवर्ष होने वाली इस धार्मिक यात्रा में अब तक हजारों बालिकाएं नि:शुल्क यात्रा कर चुकी हैं।

सामूहिक रूप से जाते हैं यात्रा में

त्रयोदशी से शरद पूर्णिमा तक संयोजक जुगलकिशोर ओझा के सान्निध्य में इस यात्रा में बालिकाओं के माता-पिता अथवा अभिभावक से किराया लिया जाता है, जबकि बालिकाएं व युवतियों के लिए यात्रा नि:शुल्क रहती है। यात्रा के दौरान बालिकाओं का पूरा ख्याल रखा जाता है। परिवारजन सामूहिक रूप से इस यात्रा में जाते हैं। इसके लिए दर्जनों बसें नत्थूसर गेट क्षेत्र से रवाना होती हैं।

शक्ति स्वरूप हैं बालिकाएं
शास्त्रों में बालिकाओं को शक्ति स्वरूप बताया गया है। इसी उद्देश्य से नवरात्र के ठीक पांच दिन बाद बालिकाओं को यह यात्रा करवाई जाती है। इससे प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु रामदेवरा में बाबा रामदेव के दर्शन-पूजन करते हैं। यात्रा संयोजम रामदेवरा में नि:शुल्क महाप्रसाद का आयोजन करवाते हैं, जबकि फलौदी तथा कोलायत में सेवाभावी लोग चाय-पानी व भोजन की नि:शुल्क सेवाएं देते हैं।

1964 से लगातार
विश्व शांति एवं सर्वधर्म एकता रामदेवरा बस यात्रा में हर वर्ष बेटियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। यात्रा 1964 से लगातार हर वर्ष होती है। यात्रा करने वाले लोगों में करीब 25 प्रतिशत बालिकाएं होती हैं। शक्ति स्वरूपा बालिकाएं नि:शुल्क यात्रा करें, यही हमारा उद्देश्य है। इस बार यह यात्रा 3 अक्टूबर को होगी।
पं. जुगल किशोर ओझा, यात्रा संयोजक