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15 हजार में भ्रूण जांच कराता दलाल पकड़ा, देखिये वीडियो

डिकॉय ऑपरेशन कर भ्रूण जांच कराने वाले एक दलाल को गिरफ्तार किया।
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बीकानेर

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dinesh kumar swami

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Updated: 7 May 2018, 9:18 AM IST

Fetal screening case

भ्रूण जांच

बीकानेर . राज्य पीसीपीएनडीटी दल और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने रविवार को डिकॉय ऑपरेशन कर भ्रूण जांच कराने वाले एक दलाल को गिरफ्तार किया। उससे भ्रूण जांच कराने की एवज में ली गई १५ हजार रुपए की राशि भी बरामद कर ली गई। कार्रवाई दल ने एक डायग्नोस्टिक सेंटर के दस्तावेज जब्त कर सोनोग्राफी मशीन को सील किया है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेन्द्र चौधरी ने बताया कि लूणकरनसर निवासी इमरान के भ्रूण ***** जांच कराने के लिए सक्रिय होने की जानकारी मिली थी। इस पर सीकर पीसीपीएनडीटी समन्वयक नंदलाल पूनिया और एक गर्भवती महिला ने बोगस ग्राहक बनाकर इमरान से सम्पर्क किया। इमरान ने उन्हें रविवार सुबह ९ बजे रेलवे स्टेशन के सामने बुलाया।

वहां पहुंचने पर दलाल गर्भवती महिला, उसकी सहयोगी महिला और पूनिया को सार्दुलगंज में डॉ. अनिता बेनीवाल के पास ले गया। डॉ. बेनीवाल ने गर्भवती की सोनोग्राफी कराने की सलाह दी। इसके बाद दलाल इमरान गर्भवती महिला सहित तीनों को सार्दुलगंज स्थित ओके डायग्नोस्टिक सेंटर ले गया।

सेंटर में डॉ. ओपी भांभू ने सोनोग्राफी की। इसके बाद दलाल ने डॉ. भांभू से मुलाकात कर गर्भवती महिला और सहयोगी महिला को गर्भ में लड़का बताया। इसी दौरान पीसीपीएनडीटी दल के अधिकारियों ने इमरान को दबोच लिया।

डॉक्टर की भूमिका की होगी जांच
सीएमएचओ डॉ. चौधरी ने बताया कि डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक अयूब खान और सोनोलॉजिस्ट डॉ. ओपी भाम्भू की भू्रण ***** जांच में लिप्तता की जांच शुरू की है। आरोपित दलाल को सोमवार को विशेष पीसीपीएनडीटी न्यायालय में पेश किया जाएगा।

उससे पूछताछ की जा रही है। यह कार्रवाई पीसीपीएनडीटी के जिला समन्वयक महेन्द्र सिंह चारण और जयपुर से आए अधिकारियों ने की। टीम में राज्य पीबीआई थाने की सीआई अर्चना मीणा, सिपाही देवेन्द्रसिंह, बाड़मेर पीसीपीएनडीटी समन्वयक विक्रमसिंह चम्पावत भी शामिल रहे।

115वां डिकॉय ऑपरेशन
प्रदेश में लिंगानुपात लगातार गिरने से चिंताजनक स्थिति बनी हुई है। वर्ष १९८१ में बाल लिंगानुपात १००० लड़कों पर ९५४ लड़कियां थी, जो ३० वर्षों में गिरकर २०११ की जनगणना में ८८८ रह गया। पीसीपीएनडीटी एक्ट में २००३ में संशोधन के बावजूद गिरावट जारी रही। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के पीसीपीएनडीटी अनुभाग ने लिंगानुपात को सुधारने का बीड़ा उठाया और डिकॉय ऑपरेशन चलाया। राज्य पीसीपीएनडीटी प्रकोष्ठ का यह 115वां डिकॉय ऑपरेशन है।