काश्तकारों के लिए सुझाव
सेठिया व पेड़ीवाल ने बताया कि कच्ची आढ़त व्यापार संघ के पदाधिकारी काश्तकारों से भी यह अपेक्षा रखते हैं कि वे अपनी जिंसों को बोरी अथवा कट्टों में डालकर लाएं, ताकि उन्हें उपज की अच्छी कीमत मिल सके। मूंगफली में डंठल, पत्थर-कंकर, मिट्टी आदि होने पर उस ढेरी की बोली नहीं करवाई जाएगी। मण्डी में महिला श्रमिकों द्वारा मूंगफली की सफाई करवाने के कार्य को फिलहाल बंद कर दिया गया है।