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नहीं निकाली नहर की सिल्ट, पूरा पानी भी नहीं मिला

ठेकेदार को सिल्ट निकालने के लिए तो भेजा लेकिन ठेकेदार काम बीच में छोड़कर चला गया। इससे किसानों को पूरा पानी नहीं मिल सका है।
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बीकानेर

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dinesh kumar swami

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Updated: 7 Dec 2017, 12:29 PM IST

IGNP

इंदिरा गांधी नहर

खाजूवाला. केवाईडी नहर के अन्तिम छोर पर प्रशासन व विभाग द्वारा नहर से सिल्ट निकालने व पानी पूरा पहुंचाने के आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त किया था। विभाग ने यहां ठेकेदार को सिल्ट निकालने के लिए तो भेजा लेकिन ठेकेदार काम बीच में छोड़कर चला गया। इससे किसानों को पूरा पानी नहीं मिल सका है।

जल उपभोक्ता संगम प्रबन्ध समिति अध्यक्ष शिवदत्त सिग्गड़ ने बताया कि 20 नवम्बर को खाजूवाला में अधीक्षण अभियन्ता विजयनगर, अधिशासी अभियन्ता खाजूवाला, राजस्व तहसीलदार व थानाधिकारी खाजूवाला के साथ किसानों का शिष्ट मण्डल ने वार्ता में नहर की सिल्ट निकालने तथा पूरा पानी दिलवाने की मांग पर धरना समाप्त किया गया लेकिन 5 दिसम्बर को रात्रि 2 बजे अंतिम छोर पर पानी मात्र पांच ईंच ही पहुंचा। इससे किसानों की बारियां भी पिट गई।

किसानों ने 6 दिसम्बर को सुबह सिंचाई विभाग के अधिकारियों से वार्ता की तो एक ही रटारटाया जवाब मिला कि पानी पीछे से ही कम है। सिंचाई विभाग का मुख्य अभियन्ता व रेगूलेशन कमेटी अभियन्ता अनूपगढ़ शाखा में पूरा पानी दो दिन बाद देते है। पहले 2400 क्यूसेक और इसके बाद 2550 क्यूसेक पानी चलाते है। इससे किसानों 2 दिन तक कम पानी मिलता है। किसानों ने मांग की है कि किसानों के हक का पानी पूरा दिया जाए।

किसानों ने निकाली सिल्ट
अध्यक्ष गोदारा ने बताया कि पर 2 दिसम्बर को किसानों ने नहर का निरीक्षण किया तो पाया कि ठेकेदार ने मात्र खानापूर्ति कर यहां इतिश्री कर ली है। नहर में काफी सिल् अभी भी पड़ी थी। इस पर किसानों ने विभाग को सूचना दी। विभाग से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर किसानों ने खुद ही नहर में से सिल्ट निकालने का काम शरू कर दिया।

टेल पर पानी पहुंचाने के लिए एपीएम दुरुस्त किए
बज्जू. फूलासर वितरिका में सिंचाई पानी को लेकर सिंचाई मंत्री के आदेश पर अधिशासी अभियंता ने किसानों को साथ लेकर वितरिका व माइनर के एपीएम को सही कर दिया। इस दौरान निगरानी में हैड से पूरा सिंचाई पानी चलाकर फूलासर माइनर प्रथम की टेल पर पहुंचाया गया। इस दौरान काश्तकार पोकरराम, हनुमानए जगदीशए रामकुमार आदि मौजूद थे।