
अक्षिता देवड़ा, जयपुर/ बीकानेर. पंचायती राज मंत्री रमेश मीणा ने एक कार्यकम में संबोधन के दौरान बीकानेर के कलेक्टर को कार्यक्रम से बाहर निकाल दिया। रमेश मीणा ने कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल पर आरोप लगाते हुए कहा की वह महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय वह अपने फोन में व्यस्त थे। इस घटना पर आईएएस असोसिएशन ने विरोध जताया और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चिट्ठी भी लिखी। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है और यूजर कमेंट करके आक्रोश जता रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
पंचायती राज मंत्री बीकानेर में राजस्थान ग्रामीण विकास परिषद की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। बीकानेर के रवींद्र रंगमंच पर हो रहे कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं के विकास और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की बात चल रही थी। कार्यक्रम में सबोधन के दौरान रमेश मीणा सरकारी योजनाओं के बारे में बात कर रहे थे तभी नजर कलेक्टर पर पड़ी तो वह फोन पर व्यस्त नजर आए। इस पर मंत्री ने कहा - "आप हमारी बात क्यों नहीं सुन रहे? क्या राज्य में नौकरशाहों का इतना दबदबा है कि वे नहीं सुनेंगे? आप जाइए यहां से" इस पर बीकानेर के कलेक्टर बिना किसी प्रतिक्रिया के वहां से उठ कर चले गए, हालांकि थोड़ी देर बाद अन्य अधिकारियों द्वारा वापिस बुला लिया गया।
इससे पहले भी मंत्री रमेश मीणा कलेक्टर को बना चुके हैं निशाना
बीते सप्ताह अलवर जिले में संबोधन के दौरान मंत्री रमेश मीणा ने वहां के कलेक्टर जितेंद्र सोनी पर कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने पर विवादित टिप्पणी की थी। मंत्री ने कहा - 'इससे जनता को क्या संदेश जाता है? अगर जिला कलेक्टर कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने का कोई वैध कारण नहीं बताते हैं तो वह इस पद नहीं रह पाएंगे। वे किसी की सिफारिश पर कलेक्टर बन सकते हैं लेकिन पद पर सिफारिश से नहीं रह सकते।'
Published on:
22 Nov 2022 04:52 pm
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