
हर पंचायत समिति में चुने जाएंगे 5 उत्कृष्ट किसान (फोटो-एआई)
बीकानेर: राजस्थान में पंचायत चुनाव का एलान होने के बीच किसानों के लिए अच्छी खबर है। खेती में नए प्रयोग, आधुनिक तकनीक और बेहतर उत्पादन करने वाले किसानों को अब सम्मानित किया जाएगा। कृषि विभाग ने कृषि उन्नति योजना के कृषि विस्तार उपमिशन (आत्मा) के तहत पुरस्कार योजना शुरू की है। इसके तहत प्रत्येक पंचायत समिति से अलग-अलग कृषि गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पांच किसानों का चयन किया जाएगा।
पंचायत समिति स्तर पर कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन-डेयरी एवं मत्स्य पालन, जैविक खेती तथा नवाचारी खेती एवं कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण व मूल्य संवर्धन इन पांच श्रेणियों में एक-एक किसान चुना जाएगा। चयनित किसानों को पंचायत समिति, जिला और राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
चयन में उन किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो कृषि विभाग के निर्धारित 21 मूल मंत्रों की पालना करते हुए प्रमाणित बीज, बीज उपचार, कृषि यंत्रीकरण, विभागीय पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज और हाईटेक कृषि तकनीकों का इस्तेमाल कर गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कर रहे हैं।
पंचायत समिति स्तर पर चयनित किसानों में प्रत्येक गतिविधि के दो-दो सर्वश्रेष्ठ किसानों को जिला स्तर के लिए चुना जाएगा। इस तरह जिला स्तर पर कुल 10 किसानों का चयन होगा। इसके बाद प्रदेश के सभी जिलों से चयनित किसानों में से प्रत्येक श्रेणी में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले किसानों सहित राज्य स्तर पर कुल 10 सर्वश्रेष्ठ किसानों को सम्मानित किया जाएगा।
चयनित किसानों को पुरस्कार राशि भी दी जाएगी। पंचायत समिति स्तर पर 10 हजार रुपए, जिला स्तर पर 25 हजार रुपए और राज्य स्तर पर 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। आत्मा योजना के तहत पूर्व वर्षों में पुरस्कृत किसानों का दोबारा चयन नहीं किया जाएगा। पुरस्कार के लिए योग्य किसानों के नाम स्वयं किसान, निर्वाचित जनप्रतिनिधि, संस्था या कोई अन्य व्यक्ति प्रस्तावित कर सकता है। प्रस्ताव के साथ कृषि अथवा संबद्ध क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों का विवरण और पांच से सात फोटो देना जरूरी होगा। पंचायत चुनाव की घोषणा के बीच यह योजना किसानों के लिए अपने बेहतर कृषि कार्य और नवाचार को पहचान दिलाने का अवसर भी देगी।
राजस्थान में शनिवार को पंचायत चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गई। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव चार चरणों में कराए जाएंगे। पहले चरण का मतदान 23 अक्टूबर, दूसरे चरण का 29 अक्टूबर, तीसरे चरण का 4 नवंबर और चौथे चरण का मतदान 14 नवंबर को होगा। चुनाव परिणाम 20 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
37 जिलों में जिला प्रमुख और प्रधान के चुनाव 25 और 27 नवंबर को होंगे। 25 नवंबर को जिला प्रमुख और 27 नवंबर को प्रधान का चुनाव कराया जाएगा। वहीं 26 नवंबर को उपजिला प्रमुख तथा 28 नवंबर को उपप्रधान का चुनाव होगा।
कोटा, श्रीगंगानगर, बारां और करौली जिलों में जिला प्रमुख और प्रधान का कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा होगा। ऐसे में इन जिलों में जिला प्रमुख और प्रधान का चुनाव बाद में कराया जाएगा। हालांकि यहां जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव अन्य जिलों के साथ ही होंगे।
सरपंचों के चुनाव भी चार चरणों में कराए जाएंगे। पहले चरण में 25 अक्टूबर, दूसरे चरण में 31 अक्टूबर, तीसरे चरण में 6 नवंबर और चौथे चरण में 16 नवंबर को मतदान होगा। तीसरे चरण में 3,605 ग्राम पंचायतों में धनतेरस के दिन वोट डाले जाएंगे। सरपंच और पंच चुनाव के नतीजे मतदान वाले दिन देर रात तक घोषित कर दिए जाएंगे।
पंचायतीराज चुनाव में पुरुष मतदाताओं की हिस्सेदारी 51.82 प्रतिशत और महिला मतदाताओं की 48.18 प्रतिशत है। 41 जिलों में जयपुर में सबसे अधिक 18.99 लाख मतदाता हैं, जबकि जैसलमेर में सबसे कम 4.36 लाख मतदाता हैं। पंचायत चुनाव में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है।
इस बार मतदाताओं को महज दो दिन के अंतराल में दोबारा मतदान करना होगा। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए एक साथ वोटिंग होगी, जबकि इसके दो दिन बाद पंच और सरपंच के चुनाव के लिए फिर मतदान करना होगा।
Updated on:
04 Oct 2026 12:03 pm
Published on:
04 Oct 2026 12:00 pm
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