
बिलासपुर . पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के नई पार्टी बनाने के बाद अब कांग्रेस भवन में उनके नाम के पत्थर के टुकड़े कर दिए गए। जीर्णोद्धार के बाद कांग्रेस भवन के लोकार्पण पत्थर में उद्घाटनकर्ता के तौर पर उनका नाम लिखा था। नाली निर्माण की आड़ में उस पत्थर के टुकड़े-टुकड़े कर बाहर कर दिया गया है, ताकि उस पत्थर को दोबारा न लगाया जा सके। मामला उजागर होने के बाद कांग्रेस के पदाधिकारी सफाई दे रहे हैं। कांग्रेस के शहर अध्यक्ष व जिलाध्यक्ष का कहना है कि यातायात बाधित हो रहा था, इसलिए दीवार को तोड़वाया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री वर्तमान जकांछ सुप्रीमो अजीत जोगी द्वारा २०१२ में कांग्रेस भवन के जीर्णोद्धार का लोकार्पण किया गया था। उनके लोकार्पण पत्थर को कांग्रेस भवन के बाहर दीवार में चिपकाया गया था। अब जोगी कांग्रेस से अलग अपनी पार्टी बना चुके हैं। बार बार कांग्रेस को उखाड़ फेंकने की बात करने वाले अजीत जोगी का पत्थर कांग्रेस के कुछ चुनिंदा नेताओं को चुभने लगा था। कांग्रेस नेता पत्थर को उखाडऩे की बात बार बार कहते रहे, लेकिन सीधे तौर पर कुछ नहीं कर पा रहे थे।
नगर निगम द्वारा पुराना मराठी पुत्री शाला से कांग्रेस भवन के आखिरी छोर तक नाला का निर्माण कराया जा रहा है। नाले में कांग्रेस भवन की दीवार आ रही थी। अजीत जोगी के पत्थर को निकलवाने के लिए इससे अच्छा मौका और नहीं था। कांग्रेस नगर निगम ने इंजीनियरों को दीवार तोडऩे की बड़ी आसानी से सहमति दे दी। निगम ने दीवार को एक्सीवेटर से चकनाचूर कर दिया। जिससे अजीत जोगी के लोकार्पण पत्थर के भी कई टुकड़े हो गए। पत्थर को बाहर फेंक दिया गया है।
नाली निर्माण का बना रहे बहाना : अजीत जोगी के कांग्रेस से जाने के बाद जोगी और उनके समर्थकों द्वारा कांग्रेस भवन में लगाई गई कई चीजों को किनारे करने कोशिश काफी दिनों से चल रही थी। कई बार प्लानिंग भी बनाई गई, लेकिन आरोप लगने के डर से रोक दिया गया। अब नाली का मौका पाकर अपनी योजना में कामयाब हो गए।
Published on:
7 Dec 2017, 1:25 PM IST
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