एटीआर में बन रहे मकानों के मामले में हाईकोर्ट ने 2 सप्ताह में मांगा जवाब

Amil Shrivas

Publish: Jan, 13 2018 05:35:52 PM (IST)

Bilaspur, Chhattisgarh, India
एटीआर में बन रहे मकानों के मामले में हाईकोर्ट ने 2 सप्ताह में मांगा जवाब

19 गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत मुंगेली जिला पंचायत द्वारा 621 पक्के मकान बनाए जा रहे हैं

बिलासपुर . अचानकमार टाइगर रिजर्व मैं प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 621 मकानों के निर्माण के मामले में हाईकोर्ट की जस्टिस मनीन्द्र मोहन श्रीवास्तव तथा जस्टिस संजय एस अग्रवाल की पीठ ने दिनांक 12 जनवरी को हुई सुनवाई में शासन से 2 सप्ताह में जवाब मांगा है. गौरतलब है कि बाघों के संरक्षण हेतू हेतु दायर की गई याचिका 33/2012 में याचिकाकर्ता रायपुर निवासी नितिन सिंघवी ने अंतरिम आवेदन देकर कोर्ट को बताया कि वर्ष 2009 में अचानकमार्ग टाइगर रिजर्व को टाइगर रिजर्व घोषित करने उपरांत वहां से 25 गांव को विस्थापित किया जाना था इनमें से 6 गांव का विस्थापन हो चुका है शेष 19 गांव का विस्थापन किया जाना बाकी है और उन्हीं 19 गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत मुंगेली जिला पंचायत द्वारा 621 पक्के मकान बनाए जा रहे हैं क्योंकि इन 19 गांव का भी विस्थापन किया जाना है इसलिए यह निर्माण नहीं किया जाना चाहिए तथा निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की। महत्वपूर्ण है की पूर्व में अचानकमार टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली शिवतराई से केंवची जाने वाली सड़क पर आवागमन, कोर्ट द्वारा नोटिस दिए जाने उपरांत रोक दिया गया जिससे उस क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियां बढ़ गई है

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बाघों के सरक्षण हेतु दायर की गई जनहित याचिका के तहत ही भोरमदेव अभ्यारण से गुजरने वाली चिल्फी सड़क चौड़ीकरण पर लगे स्टे को हटाने की मांग शासन की तरफ से की गई जिस पर कोर्ट ने स्टे बरकरार रखते हुए 2 सप्ताह बाद सुनवाई की तारीख निर्धारित करने हेतु आदेश दिए। सड़क भोरमदेव अभ्यारण के 14 किलोमीटर क्षेत्र से गुजरती है जिसके चौड़ीकरण करने पर अभ्यारण में लगभग 3500 पेड़ काटे जाने प्रस्तावित है यह क्षेत्र कान्हा नेशनल पार्क से भोरमदेव अभ्यारण में बाघों और अन्य वन्य प्राणियों के आने जाने का कारीडोर है सड़क चौड़ीकरण से वनप्राणियों का जीवन प्रभावित होगा इस संबंध में आपत्ति दायर करने पर कोर्ट ने सड़क निर्माण पर रोक लगा
रखी है।

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