
Manoj Kumar and Amitabh bachchan
नई दिल्ली: सदी के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) आज भी बॉलीवुड के सभी सितारों को कड़ी टक्कर दे रहे है। आज भी उनके पास फिल्मों की या काम की कोई कमी नहीं है। अमिताभ बच्चन आज भी लोगों के साथ फिल्मकारों की पसंद बने हुए हैं। लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब निराश को अमिताभ बच्चन ने बॉलीवुड को छोड़ने का मन बना लिया था। जिसके बाद एक अमिनेता ने उनका साथ दिया और अमिताभ बन गए सदी के महानायक। आइये जानते हैं अमिताभ से जुड़ा ये किस्सा।
सालों तक अमिताभ को नहीं मिली पहचान
दरअसल अमिताभ बच्चन की जिंदगी में एक वक्त ऐसा भी आया था, जब एक के बाद एक, इस तरह 12 फिल्में फ्लॉप होने के कारण अमिताभ के इरादे डगमगा गए थे। फिल्मों में मिल रही असफलताओं को देखते हुए अमिताभ बच्चन ने बॉलीवुड को छोड़ने मन बना लिया था।
27 की उम्र में अमिताभ बच्चन ने साल 1969 में फिल्म ‘सात हिन्दुस्तानी’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद अमिताभ ने कई फिल्मों में काम किया, लेकिन इसके बाद भी उन्हें कई सालों तक तो कोई पहचान नहीं मिली थी।
जब बॉलीवुड छोड़ने जा रह थे अमिताभ
फिल्म ‘सात हिंदुस्तानी’ के लिए उन्हें ‘बेस्ट न्यूकमर’ का ‘नेशनल अवार्ड’ मिला था, लेकिन फिल्म नहीं चली थी। अमिताभ ने 30 साल की उम्र तक करीब 12 फिल्मों में काम किया, जिसमें से सिर्फ 2 फिल्में हिट हुई थीं। ये फिल्में थीं ‘बॉम्बे टू गोवा’ जिसमें अमिताभ मुख्य किरदार ने नजर आए थे। दूसरी थी। दूसरी फिल्म ‘आनंद’ थी, जिसमें अमिताभ ने सहायक अभिनेता का किरदार निभाया था।
इस तरह फिल्मों में असफलता मिलने की वजह से अमिताभ बच्चन को काम मिलना बन्द हो गया था। जिसके कारण अमिताभ बच्चन सबकुछ छोड़कर मुंबई से दिल्ली वापस जा रहे थे। इसी दौरान अमिताभ की जिंदगी वो आए जिनके कारण आज अमिताभ सदी के महानायक हैं और वो हैं बॉलीवुड में भारत कुमार के नाम से पहचान बनाने वाले अभिनेता मनोज कुमार।
इस अभिनेता ने रोककर दिया काम
जब अमिताभ बॉलीवुड छोड़कर जा रहे थे, तभी राजकुमार ने अमिताभ को रोक लिया और अपनी फिल्म ‘रोटी कपडा और मकान’ में काम दिया। इस फिल्म को बनने में समय ज्यादा लग रहा था, इसी बीच अमिताभ को निर्देशक प्रकाश मेहरा की फिल्म ‘जंजीर’ में काम मिल गया। साल 1973 में रिलीज हुई इस फिल्म ने अमिताभ को सदी का महानायक बनने की पहली सीढ़ी पर चढ़ा दिया। वहीं, फिल्म ‘रोटी कपडा और मकान’ साल 1974 में रिलीज हुई थी। तब तक अमिताभ का करियर अपने मुकाम पर पहुंचना शुरू हो गया था।
इस तरह से अमिताभ बन गए महानायक
मनोज कुमार ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि मैंने अमिताभ को इंडस्ट्री छोड़कर जाते हुए देखा, जिसके बाद उन्होंने अमिताभ को रोककर अपनी फिल्म ‘रोटी कपडा और मकान’ में काम दिया था। अगर उस समय मनोज कुमार ने अमिताभ को नहीं रोका होता, तो शायद बॉलीवुड को सदी के महानायक के रूप में अमिताभ बच्चन नहीं मिल पाते।
Updated on:
29 Sep 2021, 11:10 AM IST
Published on:
29 Sep 2021, 10:58 AM IST
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