
singer udit narayan
बॉलीवुड के फेमस पार्श्वगायक उदित नारायण udit narayan रविवार को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 1 दिसंबर, 1955 को हुआ था। लगभग 10 वर्ष तक मुंबई में संघर्ष करने के बाद उनको 1988 में नासिर हुसैन की आमिर खान अभिनीत फिल्म 'कयामत से कयामत' में अपने गीत 'पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा' से एक गायक के रूप में पहचान मिली थी। इसके बाद उदित को कई अच्छी फिल्मों के प्रस्ताव मिलने शुरू हो गए जिसमें 'राम अवतार','त्रिदेव', 'महासंग्राम', 'दिल', 'सौगंध' और 'फूल और कांटे' जैसी बड़े बजट की फिल्में शामिल थी। इस फिल्मों की सक्सेस के बाद उदित नारायण ने सफलताओं की नई बुलंदियों को छुआ और एक से बढ़कर एक गीत गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
आकाशवाणी से शुरू किया कॅरियर
उदित का बचपन से ही संगीत की ओर रुझान था और वह पार्श्वगायक बनना चाहते थे। संगीत की शिक्षा लेने के बाद उन्होंने आकाशवाणी से अपने कॅरियर की शुरुआत की। लगभग आठ वर्ष तक इस मंच से जुड़े रहने के बाद वे वर्ष 1978 में मुबंई चले आए। जहां उनकी मुलाकात मशहूर संगीतकार राजेश रोशन से हुई। उन्हें पार्श्वगायक के रूप में फिल्म 'उन्नीस बीस' में मोहम्मद रफी के साथ मौका मिला। उदित ने 'गहरा जख्म', 'बड़े दिल वाला' और 'तन बदन' जैसी बी और सी ग्रेड फिल्मों के लिए गीत भी गाए।
फिल्म फेयर और पद्मश्री से हुए सम्मानित
उदित नारायण अब तक पांच बार फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किए जा चुके हैं। हिंदी सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान के चलते उन्हें वर्ष 2009 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें 'सुन मितवा', 'छोटे छोटे सपने' गानों के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
नामचीन सितारों के साथ किया काम
आमिर खान, शाहरुख खान जैसे नामचीन नायकों की आवाज कहे जाने वाले उदित नारायण ने तीन दशक से भी ज्यादा लंबे कॅरियर में लगभग 15,000 फिल्मी और गैर—फिल्मी गाने गाए हैं। उन्होंने हिन्दी के अलावा उर्दू, तमिल, बंगला, गुजराती, मराठी, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, उड़िया और नेपाली फिल्मों के गीतों के लिए भी अपना स्वर दिया है। इसके अलावा उन्होंने कई एलबम्स के लिए भी गाने गाए हैं। इतना नहीं उदित ने नेपाली फिल्मों में अभिनय भी किया है।
Updated on:
30 Nov 2019 04:44 pm
Published on:
30 Nov 2019 04:44 pm
