
एलनाज नोरौजी ने कलाकारों के फैसले पर दिया बयान (Photo Source- Instagram/@iamelnaaz)
Elnaaz Norouzi on CJP Student Protest: छात्र प्रदर्शनों (CJP Student Protest) और जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों ने एक बार फिर से इस पुरानी बहस को हवा दे दी है। क्या फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कलाकारों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वह सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखें? प्रकाश राज, स्वरा भास्कर और नसीरुद्दीन शाह जैसे कुछ जाने-माने सितारे है जो हर मुद्दे पर बयान देते हैं और इंडस्ट्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हैं, वहीं दूसरी ओर कई कलाकार इस मामले में अलग नजरिया रखते हैं। इसी को लेकर फेमस अभिनेत्री एलनाज नोरौजी (Elnaaz Norouzi) ने इस पूरे मुद्दे पर बात की है और उनका मानना है कि राजनीतिक मुद्दों पर बोलने के लिए कलाकारों पर दबाव नहीं डाला जाना चाहिए।
News18 संग अभिनेत्री एलनाद नोरौजी से खास बातचीत की। उन्होंने ईरान में साल 2022 के दौरान हुए हिजाब विरोधी प्रदर्शनों के वक्त खुलकर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया था और महिलाओं की स्वतंत्रता के समर्थन में सोशल मीडिया पर टॉपलेस वीडियो भी शेयर किया था। लेकिन, खुद एक राजनीतिक आवाज होने के बावजूद एलनाज का यह मानना है कि हर अभिनेता या कलाकार के लिए ऐसा करना जरूरी नहीं होना चाहिए।
एलनाज नोरौजी ने कहा, "मैं इस बात की वकालत करती हूं कि किसी को भी कुछ भी करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए- चाहे वह क्या पहनें, क्या करें और क्या बात करें। अगर कोई हिजाब या मेकअप पहनना चाहता है, तो उन्हें पहनने दें, और यदि कोई नहीं पहनना चाहता, तो उन्हें इसकी छूट होनी चाहिए। किसी एक्टर को यह मत बताओ कि उसे क्या करना है।"
एलनाज नोरौजी ने आगे कहा कि यदि कोई अभिनेता अपनी मर्जी से किसी राजनीतिक मुद्दे पर आगे आकर बोलता है, तो यह अच्छी बात है, लेकिन जो एक्टर्स राजनीति के बारे में ज्यादा नहीं जानते, उन्हें उनका मुख्य काम यानी केवल 'एक्टिंग' करने देना चाहिए।
कलाकारों की चुप्पी पर बात करते हुए एलनाज ने एक बहुत ही तीखा मुद्दा उठाया कि हम अन्य पेशवरों, जैसे कि डॉक्टरों से कभी राजनीतिक मुद्दों पर बोलने की मांग नहीं करते, तो फिर सिर्फ कलाकारों को ही क्यों निशाना बनाया जाता है? उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर वह खुद ऐसे देश में पैदा हुई हैं जहां तानाशाही का दौर रहा है, इसलिए उन्हें राजनीति की गहरी समझ है। लेकिन वह अपने साथी कलाकारों से वैसी ही जागरूकता की उम्मीद नहीं करतीं, क्योंकि 95% अभिनेताओं ने वैसी परिस्थितियां नहीं देखी हैं जैसी उन्होंने झेली हैं।
उन्होंने आखिर में कहा कि राय रखने की एक कीमत चुकानी पड़ती है, लेकिन उन्होंने खुद एक ऐसा इंसान बनना चुना है जो खुलकर अपनी बात रखता है। लेकिन, जो कलाकार मानसिक शांति के लिए राजनीति से दूर रहना चाहते हैं, उनके फैसले का भी सम्मान किया जाना चाहिए।
Updated on:
27 Oct 2026, 12:12 PM IST
Published on:
27 Oct 2026, 11:39 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.