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‘Hanuman Ansh’ का पहला सीन लिखने में लगे 45 दिन, ऐसे लिखी गई 180 करोड़ की कमाई कर चुकी फिल्म की कहानी

Hanuman Ansh: ‘हनुमान अंश’ के राइटर-डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि उन्होंने फिल्म की कहानी हाथ से लिखी और डिजिटल डिवाइस से दूरी बनाई। पहला सीन लिखने में 45 दिन लगे।
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मुंबई

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Rashi Sharma

Sep 10, 2026

Hanuman Ansh

हनुमान अंश के एक सीन लिखने में लगे 45 दिन (फोटो सोर्स: IMDb एंड Instagram- filmervishal)

Hanuman Ansh:'हनुमान अंश' बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है और इसने 150 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। इस उपलब्धि तक पहुंचने के साथ ही, राइटर-डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने उस अनोखे तरीके के बारे में बात की है जिससे उन्होंने इस कहानी पर काम किया, जो आध्यात्मिक गुरु नीम करौली बाबा के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित है। चतुर्वेदी ने फिल्म के शुरुआती सीन पर लगभग 45 दिन बिताए, जबकि बाकी कहानी सिर्फ 15 से 20 दिनों में पूरी कर ली। डायरेक्टर ने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान, कुछ खास नियमों का भी पालन किया गया।

ऐसे समय में जब ज्यादातर फिल्म लेखन लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस पर होता है, चतुर्वेदी ने इसके उलट रास्ता चुना। उन्होंने जानबूझकर अपनी लेखन की जगह से टेक्नोलॉजी को हटा दिया ताकि वे पूरी तरह से कहानी पर ध्यान केंद्रित कर सकें। उन्होंने बताया, "मैंने अपने कमरे से सभी डिजिटल डिवाइस हटा दिए थे," और इसके बजाय उन्होंने पेन और कागज का इस्तेमाल करके पूरी फिल्म का स्क्रीनप्ले लिखा।

विशाल चतुर्वेदी ने क्यों किया हाथ से लिखने का फैसला

FPJ के अनुसार, विशाल चतुर्वेदी को कुछ समय से पक्का यकीन था कि वो यही कहानी बताना चाहते हैं। राइटिंग की शुरुआत करने से पहले उन्होंने इस विषय पर रिसर्च करने, कंटेंट इकट्ठा करने और विचारों पर काम करने में काफी समय बिताया। अपने विचारों को सीधे टाइप करने के बजाय, उन्होंने सब कुछ हाथ से लिखा। उनके असिस्टेंट फिर हाथ से लिखी सामग्री को डिजिटल फाइल्स में बदलते थे। उन्होंने बताया, "मैं सब कुछ हाथ से लिखता था। बाद में, मैं अपने हाथ से लिखे पन्नों की तस्वीरें अपने असिस्टेंट को भेजता था, और वो उन्हें डिजिटल कॉपी में बदल देते थे।" इसके आगे उन्होंने ये भी बताया कि उनके लिए, यह प्रक्रिया ध्यान भटकने से बचने और कहानी से जुड़े रहने का एक तरीका भी थी।

पहले सीन के लिए 45 दिन

दिलचस्प बात यह है कि फिल्म लिखने में चतुर्वेदी ने जो समय लगाया, वह पूरी प्रक्रिया के दौरान एक जैसा नहीं रहा। जहां बाकी कहानी काफी तेजी से तैयार हो गई, वहीं शुरुआती सीन को अंतिम रूप देने में उन्हें लगभग 45 दिन लगे। उन्होंने समझाया, "मैं पहले सीन को लेकर बहुत सतर्क रहता हूं क्योंकि यह कहानी की नींव रखता है और आगे की हर चीज के लिए दिशा तय करता है।"

पहला सीन पूरा होते ही कहानी बनती चली गई

चुनौती यह थी कि ऐसी कहानी की शुरुआत का सही तरीका ढूंढा जाए जिसमें कई संदर्भ, घटनाएं और वृत्तांत शामिल थे। चतुर्वेदी चाहते थे कि फिल्म की शुरुआत ही उसकी कहानी का मूड और दिशा तय कर दे, इससे पहले कि कहानी आगे बढ़े। उन्होंने कहा, "जैसे ही मुझे पहला सीन मिला, बाकी कहानी अपने आप बनती चली गई।"

विशाल चतुर्वेदी ने ‘हनुमान अंश’ को पूरी मेहनत और श्रद्धा के साथ लिखा है। उनके लिए यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि आस्था और भक्ति से जुड़ी कहानी को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश थी। हाथ से लिखे नोट्स से शुरू हुई यह कहानी आज बड़ी सफल फिल्मों में शामिल हो गई है।
हनुमान अंश बॉक्स ऑफिस

'हनुमान अंश' का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन

थिएटर में एक महीने से ज्यादा दिनों तक चलने के बाद भी 'हनुमान अंश' बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। शोभिनव सत्या और चंदन आनंद स्टारर इस फिल्म की शुरुआत धीमी रही थी, लेकिन बाद के हफ्तों में कमाई बढ़ने के साथ ही यह एक सरप्राइज ब्लॉकबस्टर बन गई। Sacnilk के अनुसार, फिल्म ने 34वें दिन (9 सितंबर) भारत में 10.25 करोड़ रुपये की नेट कमाई की। यह कमाई 7,810 शो से हुई और फिल्म की कुल ऑक्यूपेंसी 35 प्रतिशत रही।

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