
हुमा कुरैशी
Huma Qureshi latest News: बॉलीवुड एक्ट्रेस हुमा कुरैशी अपनी बेबाकी और एक्टिंग के लिए जानी जाती हैं। फिल्म इंडस्ट्री में एक दशक से काम कर रही हैं। बहुत सारी फिल्में हुमा कर चुकी हैं। एक्ट्रेस ने अपनी हर फिल्म के जरिए दर्शकों के दिलों में खास जगह ही बनाई है। आजकल हुमा अपनी फिल्म 'तरला' को लेकर सुर्खियों में बनी हुई हैं।
इंटरव्यू में हुमा से कई तरह के सवाल किए गए
हाल ही में एक्ट्रेस 'ब्लैक एंड व्हाइट' शो में अपनी पर्सनल, प्रोफेशनल, हिंदू-मुस्लिम भेदभाव पर बात करती दिखीं है। साथ ही उन्होंने कुछ करियर एडवाइस भी दी है। इंटरव्यू में जब हुमा से पूछा गया कि आपने हिस्ट्री पढ़ी है? देश में पोलराइजेशन बहुत ज्यादा हो गया है, जगह-जगह हिंदू-मुस्लिम के बारे में चर्चा होती है और मुद्दा बनता है। जब दिल्ली की एक मुस्लिम लड़की बॉलीवुड में गई तो क्या आपको ऐसा लगा कि आपके धर्म के हिसाब से कोई भेदभाव हुआ। आपके लिए कुछ स्थितियां मुश्किल रहीं?
हुमा ने कही यह बात
इस पर हुमा ने जवाब देते हुए कहा, “मेरे हिसाब से बॉलीवुड बहुत सेक्युलर जगह है। मुझे न तो कभी महिला या मुस्लिम होने को लेकर कभी स्टीरियोटाइप नहीं झेला। ऐसा कभी नहीं हुआ कि मेरा एक मुस्लिम नाम है, उसके लिए मुझे किसी फिल्म में कास्ट किया गया या नहीं किया गया।”
हुमा कहा- न्यूज पर ही देखते हैं कि देश बंट रहा है
एक्ट्रेस हुमा कुरैशी ने आगे कहा, “मेरे साथ कभी ऐसा नहीं हुआ। मुझे पूरे देश से लोगों का बहुत प्यार मिला। लोगों ने कभी मेरा नाम देखकर मुझे पसंद नहीं किया। मेरा काम देखकर किया। रही बात पोलराइजेशन की तो हम तो यह चीज सिर्फ न्यूज पर ही देखते हैं कि देश बंट रहा है।”
‘मैं दिल से पंजाबी हूं पर खून मेरा मुसलमान का है’
एक्ट्रेस ने कहा, "मैं अपने पर्सनल एक्स्पीरियंस की बात करूं तो मैं दिल्ली में पली-बढ़ी। एक मुसलमान घर में पैदा हुई, लेकिन जहां हम रहते थे। वहां आसपास सभी पंजाबी थे तो मैं दिल से पंजाबी हूं पर खून मेरा मुसलमान का है। जब मैं मुंबई शिफ्ट हुई तो वहां भी मैंने कभी धर्म को लेकर भेदभाव नहीं झेला। मैंने कभी हिंदू-मुस्लिम वाली चीजें न अपने घर में देखीं और न वहां जहां मैं रही।”
हुमा ने आगे कहा, “मैं अगर अपना पर्सनल एक्स्पीरियंस बताऊं तो मैं एक ऐसे परिवार से आती हूं, जहां मैं परिवार को लेकर सुरक्षित महसूस करती हूं। अगर आप किसी एक इकोनॉमिक क्लास से आते हैं तो कुछ चीजें आपके लिए आसान हो जाती हैं, इसका मतलब यह नहीं कि कुछ लोगों के साथ गलत नहीं हो रहा है। लेकिन मुझे लगता है कि सवाल तो पूछना चाहिए और हर सरकार को जवाब देना भी चाहिए। पर्सनल एक्स्पीरियंस से बताऊं तो मुझे कभी महसूस नहीं हुआ कि मैं मुस्लिम हूं और मुझे एक तरह से ही बर्ताव करना है।”
Updated on:
9 Jul 2023, 6:42 PM IST
Published on:
9 Jul 2023, 6:39 PM IST
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