
मिलिंद सोमन (फोटो सोर्स- IMDb)
Milind Soman On Smoking-Drinking: फिटनेस और अनुशासन के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता और मॉडल मिलिंद सोमन ने अपनी जिंदगी के उस दौर के बारे में खुलकर बात की है, जब वह स्मोकिंग और शराब की लत से जूझ रहे थे। 30 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित इंडिया टुडे हेल्थ एंड वेल्थ समिट में मिलिंद सोमन ने बताया कि उन्होंने करीब 25 साल पहले सिगरेट पीना छोड़ दिया था। उन्होंने यह भी बताया कि शराब पीने की आदत से बाहर निकलना भी उनके लिए आसान नहीं था।
आज मिलिंद सोमन अपनी फिटनेस और एक्टिव लाइफस्टाइल के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, उनकी जिंदगी हमेशा ऐसी नहीं रही। उन्होंने बताया कि एक समय वह काफी ज्यादा सिगरेट पीते थे और शराब का सेवन भी करते थे। मिलिंद के मुताबिक, उन्हें इन आदतों की लत लग चुकी थी और सिर्फ इच्छा करने से इन्हें छोड़ना आसान नहीं था।
मिलिंद सोमन ने बताया कि उन्होंने बहुत कम उम्र से ही तैराकी को अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा बना लिया था। 9 साल की उम्र से लेकर 23 साल तक उनका मुख्य फोकस प्रतिस्पर्धी तैराकी रहा। वह हर सप्ताह करीब 65 किलोमीटर तक तैराकी की ट्रेनिंग करते थे और अपने इवेंट में राष्ट्रीय चैंपियन भी बने। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व भी किया।
इसके बाद मॉडलिंग के क्षेत्र में उन्हें एक असाइनमेंट मिला। मिलिंद ने बताया कि उस समय उन्हें यह भी नहीं पता था कि मॉडलिंग एक पेशा है। हालांकि, पैसे अच्छे थे, इसलिए उन्होंने यह काम स्वीकार कर लिया। मॉडलिंग की दुनिया में आने के बाद उनकी जिंदगी का माहौल काफी बदल गया।
इसी दौरान उन्हें स्मोकिंग की आदत लग गई और धीरे-धीरे यह काफी बढ़ गई। मिलिंद ने बताया कि सिगरेट छोड़ना उनके लिए आसान नहीं था, क्योंकि उन्हें इसकी लत लग चुकी थी। उन्होंने आखिरकार करीब 25 साल पहले स्मोकिंग छोड़ दी।
मिलिंद सोमन ने शराब पीने की अपनी पुरानी आदत के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि एक समय वह काफी ज्यादा शराब पीते थे। उनके मुताबिक, शराब भी एक तरह की लत थी, लेकिन वह इससे बाहर निकलने में कामयाब रहे।
उन्होंने अपनी मां उषा सोमन से जुड़ा एक किस्सा भी साझा किया। मिलिंद ने बताया कि जब वह शराब पीकर घर लौटते थे, तो उनकी मां कभी-कभी उन्हें घर में प्रवेश तक नहीं करने देती थीं। मिलिंद के मुताबिक, उस दौर ने उन्हें अपने बारे में काफी कुछ समझने में मदद की।
अतीत को याद करते हुए मिलिंद इसे सिर्फ जिंदगी का मुश्किल दौर नहीं मानते। उनका कहना है कि उन्हें उस अनुभव से खुद को समझने का मौका मिला और यह उनकी जिंदगी की यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा था।
समिट में मिलिंद सोमन के साथ उनकी पत्नी अंकिता कोंवर और मां उषा सोमन भी मौजूद थीं। तीनों ने फिटनेस, खान-पान, बढ़ती उम्र और रोजाना एक्टिव रहने के महत्व पर बातचीत की।
मिलिंद ने बताया कि वह रोज 10 मिनट से ज्यादा एक्सरसाइज नहीं करते और जिम भी नहीं जाते। वह सप्लीमेंट्स पर भी निर्भर नहीं हैं। उनके मुताबिक फिटनेस में लंबे और कठिन वर्कआउट से ज्यादा जरूरी निरंतरता है।
मिलिंद का मानना है कि हर व्यक्ति को अपनी क्षमता के हिसाब से एक्टिव रहना चाहिए। इसके लिए जिम की जरूरत जरूरी नहीं है। पैदल चलना, दौड़ना या कोई खेल खेलना भी रोजाना सक्रिय रहने का अच्छा तरीका हो सकता है। उनके अनुसार अच्छे जीन्स मदद कर सकते हैं, लेकिन सिर्फ इसके भरोसे फिट नहीं रहा जा सकता। रोज की छोटी-छोटी आदतें और लगातार एक्टिव रहना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
मिलिंद सोमन की कहानी तैराकी से शुरू होकर मॉडलिंग, फिटनेस और फिर अपनी पुरानी आदतों से बाहर निकलने तक पहुंचती है। उनके मुताबिक इस सफर में अनुशासन के साथ-साथ जिंदगी के अनुभवों ने भी उन्हें बहुत कुछ सिखाया है।
Updated on:
30 Oct 2026, 4:33 PM IST
Published on:
30 Oct 2026, 4:30 PM IST
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