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‘जिद, सपने और प्रतिभा’ इन तीन खूबियों से बना हूं पंकज त्रिपाठी

पंकज त्रिपाठी ( pankaj tripathi ) ने हाल ही पत्रिका एंटरटेंमेंट से खास बातचीत की।

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मुंबई

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Riya Jain

Feb 04, 2020

'जिद, सपने और प्रतिभा' इन तीन खूबियों से बना हूं पंकज त्रिपाठी

'जिद, सपने और प्रतिभा' इन तीन खूबियों से बना हूं पंकज त्रिपाठी

'मिर्जापुर' ( mirzapur ) वेबसीरीज में कालीन भैया के नाम से मशहूर पंकज त्रिपाठी ( pankaj tripathi ) ने हाल ही पत्रिका एंटरटेंमेंट से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अपने आने वाले प्रोजेक्ट्स '83' और 'गुंजन सक्सेना' बायोपिक में काम करने का अनुभव साझा किया। इसी के साथ पंकज ने अपने निजी जीवन और कॅरियर पर खुलकर बात की।

सेंसिबल फिल्मों में काम करना पसंद
फिल्मों के चयन को लेकर पंकज ने बताया, मैं किसी फिल्म को चुनने से पहले देखता हूं उसकी कहानी सेंसिबल है या नहीं, उससे कोई मैसेज लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं । इसी के साथ फिल्म में कौन काम कर रहा है यह भी मायने रखता है। पहले के सिनेमा और आज के सिनेमा में बड़ा अंतर है, आज नई तरह की कहानियों पर काम किया जा रहा है। जो पहले टेबू था, आज वही बेहतरीन फिल्मों का कंटेंट बन गया है। बाउंड्री बड़ी हो रही है। तो कहा जा सकता है कि यह बड़ा बदलाव है। जिद, सपने और प्रतिभा वो तीन शब्द हैं जिसने आज मुझे पंकज त्रिपाठी बनाया।


'83' और 'गुंजन सक्सेना' में काम करना बेहतरीन अनुभव

फिल्म '83' के बारे में बताते हुए एक्टर ने कहा, ''83' में काम करने का अनुभव बहुत शानदार रहा। सेट पर बहुत खूबसूरत माहौल रहता था। रणवीर सिंह और कबीर खान, दोनों ही टैलेंटिड लोग हैं।अच्छा लगा उनके साथ काम करके। मैं बेसब्री से फिल्म के आने का इंतजार कर रहा हूं। वहीं फिल्म 'गुंजन सक्सेना' में काम करते हुए मैंने जाह्नवी के साथ काम किया। यकीनन वह बहुत सिंसेयर और डेडिकेटिड एक्ट्रेस हैं। बहुत मेहनत करती हैं। गुंजन सक्सेना फिल्म भी बहुत खूबसूरत तरीके से बनाई गई है।'

डिजिटल वर्ल्ड ने ऑडियंस बड़ा दी है

ऑडियंस के बदलते टेस्ट पर अभिनेता ने कहा, 'मुझे लगता है अब ऑडियंस का टेस्ट बदल गया है। आज के दर्शक लीक से कुछ हटकर कहानी खोज रहे हैं। कहा जा सकता है की अब वो कहानियां बन रही हैं जो स्टीरियोटाइप को तोड़ती हैं। जो ऑरिजनल हैं, मोलिक हैं और मनोरंजक भी।' इसी के साथ बड़ते डिजिटल वर्ल्ड को लेकर पंकज कहते हैं कि मुझे लगता है कि डिजिटल वर्ल्ड से सिनेमा जगत की ऑडियंस पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसका तो फायदा ही है। अब ऑडियंस बड़ गई है। जहां पहले हमारी कहानियां भारत तक सीमित थीं, अब वो विश्वभर में पहुंचेंगी। सिनेमाजगत का आने वाला कल बहुत अच्छा है।

परिवार को लिए खुद खाना बनाता हूं

निजी जिंदगी के बारे में बात करते हुए पंकज ने बताया, 'मैं पर्दे के पीछे बहुत साधारण जीवन जीता हूं। वहीं चावल दाल साफ करता हूं, घर के काम करवाता हूं। हां, खाना बनाने का शौक है। मैं अक्सर परिवार के लिए खुद खाना बनाता हूं। बेटी और पत्नी को मेरे हाथ का बना दाल चोखा बहुत पसंद है।'

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ईमानदारी से मेहनत करें तो सपने पूरे होते हैं
कॅरियर के दौरान की स्ट्रगल पर पंकज बोले, 'मुझे लगता है आज की स्ट्रगल ज्यादा है, क्योंकि अब आपको उसी रफ्तार में आगे बढ़ना है। पहले जहां खाली बैठे रहते थे, अब इतनी फुरसत नहीं है कि चैन से सो पाएं। तो इस बात की खुशी भी है, कि बिजी रहते हैं और इस बात का अफसोस भी की खुद के लिए वक्त नहीं निकाल पाते। आज के युथ को यही सलाह देना चाहेंगे कि ईमानदार रहे, खूब पढ़ाई करें। सपनों को पालें, क्योंकि अगर ईमानदारी से मेहनत करेंगे तो, हां सपने पूरे होते हैं। इसका सीधा उदाहरण मैं खुद हूं।'