
साथ-साथ फिल्म के लिए नहीं मिला था एक भी पैसा। (फोटो सोर्स: IMDb)
Rakesh Bedi: 'धुरंधर 2' की सफलता का आनंद ले रहे वेटरन एक्टर राकेश बेदी ने हाल ही में फराह खान के यूट्यूब चैनल पर एक बातचीत के दौरान याद किया कि उन्हें 'साथ साथ' में अपनी भूमिका के लिए कोई फीस नहीं मिली थीं। इस इंटरव्यू में उन्होंने उस दौर की बात की जब सपोर्टिंग एक्टर्स को कोई भुगतान नहीं किया जाता था। उन्होंने कहा, "तब ज़माना अलग था," और आगे कहा, "एकमात्र फिल्म जहां मुझे एक नया पैसा नहीं मिला।"
हाल ही में जमाल जमाली के किरदार से लोकप्रियता हासिल करने वाले एक्टर राकेश बेदी ने खुलासा किया कि उन्हें शूटिंग के दौरान आने-जाने का पैसा भी नहीं मिला। राकेश ने शेयर किया, "कन्वेंयंस का भी नहीं मिला (पैसा), मैं खाना भी कई बार घर से ले कर जाता था।" साल 1982 में आई 'साथ-साथ' फिल्म में काम करने पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "एकमात्र फिल्म जहां मुझे एक नया पैसा नहीं मिला।" उन्होंने 'धुरंधर' के अपने वायरल डायलॉग, "बच्चा है तू मेरा" के बारे में भी बात की।
राकेश बेदी और फराह खान के बीच पुरानी दोस्ती है, जब वह 14-15 साल की थीं और वह लगभग 24-25 साल के थे। अपने कुकिंग शो में उन दिनों को याद करते हुए फराह ने कहा, "एफटीआईआई से ये लोग जावेद अंकल और हनी आंटी के घर फ्री का खाना और फ्री की दारू पीने जाते थे।" उन्होंने उस दौरान फारूक शेख, नीना गुप्ता, सुप्रिया पाठक और सतीश शाह से मुलाकात का भी जिक्र किया और कहा, "हमारी पुरानी दोस्ती है।"
'धुरंधर 2' के बारे में बात करते हुए, राकेश ने यह भी बताया कि उनका लोकप्रिय डायलॉग "बच्चा है तू मेरा" वायरल हो गया है और विज्ञापनों और फैंस के साथ बातचीत में इसका खूब इस्तेमाल किया जा रहा है। ज़ूम के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, "हर कोई जिससे मैं मिलता हूं, या जो मुझसे फोटो खिंचवाने के लिए कहता है, वह कहता है, 'सर, कृपया मेरे लिए यह बोल दीजिए।' भले ही वह व्यक्ति मेरे बच्चे जैसा न दिखता हो, या उसके बाल न हों, फिर भी मैं उसको 'बच्चा है तू मेरा' कहता हूं।"
राकेश बेदी का फिल्मों, टेलीविजन और थिएटर में लंबा और बहुमुखी करियर रहा है, जिससे वे भारतीय मनोरंजन जगत का एक जाना-पहचाना चेहरा बन गए हैं। वे 'श्रीमान श्रीमती', 'ये जो है जिंदगी' और 'यस बॉस' जैसे लोकप्रिय टीवी शो में अपनी भूमिकाओं के लिए सबसे ज्यादा जाने जाते हैं, जहां उनकी हास्य प्रतिभा ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया। फिल्मों में, उन्होंने 'चश्मे बद्दूर', 'साथ साथ', 'हीरो नंबर 1' और 'आंखें' जैसी क्लासिक फिल्मों में काम किया है, जिनमें अक्सर उन्होंने यादगार सहायक भूमिकाएं निभाई हैं।
Updated on:
21 Apr 2026, 7:19 AM IST
Published on:
21 Apr 2026, 7:10 AM IST
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