
मुसलमानों के इस बड़े कार्यक्रम पर उठे सवाल, प्रशासन ने जारी किया नोटिस
बुलंदशहर. 3 दिसंबर को जिले में जिस जगह पर गोकशी की अफवाह के बाद हिंसा भड़की और इस हिंसा में एक इंस्पेक्टर और एक युवक की जान गई। वहीं इससे महज कुछ ही दूरी पर करीब 15 लाख से ज्यादा लोग तीन दिवसीय इस्लामिक धर्म सभा आलमी तबलीगी इज्तिमा में जुटे थे। जिला प्रशासन की मानें तो उन्होंने इसको लेकर कई नोटिस जारी किए गए थे। एक से 3 दिसंबर के बीच हुए इस तीन दिवसीय कार्यक्रम कार्यक्रम के आयोजक को इस बारे में चेतावनी भी दी गई थी। नोटिस 1 और 2 दिसंबर को जारी किया गया था और 6 दिसंबर को फिर से उसका रिमाइंडर भेजा गया था।
जिला प्रशासन का दावा है कि बुलंदशहर में आयाजित आलमी तब्लीगी इज्तिमा में करीब 15 लाख मुसलमान एकत्रित हुए थे, जबकि इजाजत केवल 2 लाख लोगों के लिए ली गई थी। ये कार्यक्रम महाव गांव से करीब 40 किलोमीटर दूर हुआ था। बता दें कि महाव गांव वही स्थल है, जहां गोकशी की अफवाह के बाद हिसा भड़की थी। इस हिंसा मेंं इंस्पेक्टर सुबोध कुमार और एक युवक की मौत हो गई थी।
डीजी, पुलिस हेडक्वार्टर के प्रवक्ता आरके गौतम ने बताया है कि बुलंदशहर जिला प्रशासन ने इस बात की पुष्टि की है कि आयोजकों पर नोटिस भेजा गया था और बड़ी तादाद में एक जगह एकत्रित होने को लेकर चेतावनी भी जारी की गई थी, लेकिन अभी तक इज्तिमा कमेटी ने लीगल नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया है। बता दें कि स्याना के स्थानीय विधायक देवेंद्र सिंह ने भी इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की थी।
Published on:
10 Dec 2018 11:23 am
बड़ी खबरें
View Allबुलंदशहर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
