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9साल बाद फिर से मार्च में हनुमान जयंती अपने आराध्य को ऐसे करेगें प्रसन्न तो बनेगे सारे बिगड़े काम… शनिवार को यह रहेगा विशेष संयोग-

आधुनिक युग मेें मैनेजमेंट गुरु की जयंती
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बूंदी

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Suraksha Rajora

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Updated: 27 Mar 2018, 2:16 PM IST

Hanuman Jayanti again in March after 9 years

बूंदी. बल,बुद्धि और पराक्रम के देवता हनुमान जी की जयंती इस बार 31 मार्च चैत्र शुक्ल पक्ष पूर्णिमा शनिवार को मनाई जाएगी। 2010 के बाद फिर ऐसा योग बना जब मार्च के माह में हनुमान जयंती मनाई जा रही हैैैैैैै। खास बात यह रहेगी कि शनिवार को हनुमान जयंती होने से शनि की साढ़े साती और ढैय्या वाल जातको को राहत मिलेगी। भगवान शिव के 11वें रूद्र अवतार और राम भक्त हनुमान जी को देवताओं में सबसे जल्दी प्रसन्न होकर मन वांछित फल मिलता है।

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मैनेजमेंट गुरु है हनुमान जी-

ज्योतिष व पंडितो के अनेसार हनुमान जी को मैनेजमेंट गुरु भी कहा जाता है। भक्त हनुमान अपने आराध्य श्री राम जी के किसी भी कार्य को पूरी योजना निष्ठा एवं शत प्रतिशत परिणाम के साथ पूरा करते थे इसी प्रबंधन क्षमता के कारण उन्हें आधुनिक युग मेें मैनेजमेंट गुरु कहा गया है। बल बुद्धि, विद्या, साहस के लिए हनुमान जी की आराधना सर्वश्रेष्ठ मानी है।

शनि पीड़ा से राहत-

ज्योतिषाचार्य अमित जैन ने बताया कि दण्ड नायक व न्याय के देवता शनि ग्रह का भ्रमण गुरु की राशि धनु पर है जिसके चलते वृश्चिक,धनु, मकर, राशि पर साढ़ेसाती एवं वृष, कन्या राशि पर ढैय्या का प्रभाव रहेगा। शनिवार हनुमान जयंती होने से शनि राहुकेतु ग्रह की पीड़ा से मुक्ति मिलती है इस दिन हनुमान जी को चोला चढ़ाने का विशेष महत्व है। सुन्दरकांड, हनुमान चालिसा, बजरंगबाण, हनुमान जी का अभिषेक सहित विभिन्न कार्यक्रम शहरक े हनुमान मंदिरों में होगें।

समृद्धि के लिए यह चढ़ाए-

मेष- लाल चंदन की माला चढ़ाए।
वृष- सफेद चंदन चढ़ाए
मिथुन- पांच तरह के फल चढ़ाए
कर्क- चमेली के तेल से दिपक लगाए
सिंह- गुड़, पताशे का भोग अर्पित करें।
कन्या- बूंदी के लड्डु का भोग लगाए
तुला- इत्र, पुष्प चढ़ाए
वृश्चिक-गुड़ चने का प्रसाद बांटे
धनु- पीली पोशाक चड़ाए
मकर- तिल्ली के तेल का दिपक लगाए
कुंभ- चोला चढ़ाए एवं पताशे बांटे
मीन- इत्र व श्री फल चढ़ाए