
मृतक मोहम्मद यकीन (पत्रिका फोटो)
Bundi Mohammad Yakeen Murder Case: तालेड़ा (बूंदी): बूंदी जिले से होकर गुजरने वाले शंभूपुरा राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर कोटा निवासी मोहम्मद यकीन की गोली मारकर हत्या के मामले में घटना के दस दिन बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। जांच के बीच पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद दफनाए गए शव को वापस निकलवाकर आवश्यक नमूने लिए। नमूने लेने के बाद शव को दोबारा दफना दिया गया। पुलिस ने लिए गए नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा है। पुलिस को उम्मीद है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट से मौत की परिस्थितियों और घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण कड़ी सामने आ सकती है।
थाना अधिकारी मुकेश यादव के अनुसार, अनुसंधान के दौरान शव को वापस निकलवाकर आवश्यक नमूने लिए गए हैं। इन्हें प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद अनुसंधान में इसका उपयोग किया जाएगा और मामले के खुलासे में मदद मिल सकती है।
पुलिस की अलग-अलग टीमें मृतक की कॉल डिटेल, मोबाइल और टावर लोकेशन तथा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही हैं। मृतक के मोबाइल में करीब 300 नंबर ब्लॉक मिले हैं, जिनकी भी पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, यकीन 28 सितंबर को कोटा से डाबी की ओर गया था। रात करीब 7:41 बजे धनेश्वर टोल नाके पर उसकी आखिरी लोकेशन सामने आई। इसके बाद 29 सितंबर सुबह करीब 10 बजे शंभूपुरा रोड पर कार में शव पड़े होने की सूचना मिली। करीब 14 घंटे के इस अंतराल में यकीन कहां रहा और शंभूपुरा रोड तक कैसे पहुंचा, यह जांच का अहम बिंदु बना हुआ है।
यकीन का शव कार की चालक सीट पर मिला था। कार के फ्रंट ग्लास पर फायर का निशान था और चारों दरवाजों के शीशे चढ़े हुए थे। आसपास टायरों के निशान भी मिले। पोस्टमॉर्टम में गोली लगने से मौत की पुष्टि के आधार पर पुलिस फायरिंग की दिशा और परिस्थितियों की जांच कर रही है।
पुलिस कोटा सिटी के अभय कमांड सेंटर से मिले कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। इसके साथ ही धनेश्वर टोल से घटनास्थल तक करीब 23 किलोमीटर के रास्ते में आने वाले सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई जा रही है। टावर लोकेशन के आधार पर इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों और वाहनों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस ने मृतक के भाई सहित अन्य परिजनों के बयान लिए हैं। परिजनों ने किसी से विवाद या दुश्मनी होने की जानकारी से इनकार किया है।
शव को पोस्टमॉर्टम के बाद दफना दिया गया था। अनुसंधान के दौरान शव को वापस निकलवाकर आवश्यक नमूने लिए गए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला भिजवाया गया है। रिपोर्ट आने के बाद अनुसंधान में इसका उपयोग किया जाएगा और मामले के खुलासे में मदद मिल सकेगी।
-मुकेश यादव, थाना अधिकारी, पुलिस थाना तालेड़ा
Published on:
07 Oct 2026 09:23 pm
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