कर्मचारियों को संतुष्ट जवाब तक नहीं मिल पा रहा है। नवम्बर माह से ही वेतन के इंतजार में अब परिवार पर असर आने लगा है। कई कर्मचारियों के रिश्ते में शादियां हैं तो बच्चों के स्कूल की फीस जमा करवानी है। सबसे ज्यादा परेशानी उन परिवार को झेलनी पड़ रही है, जो आर्थिक रूप से कमजोर है।
सहायक कर्मचारी से लेकर यूडीसी, एलडीसी, बिजली विभाग कर्मचारी, बागवानी सहित करीब 400 कर्मचारी परेशान है। जिले में निषेधाज्ञा और विवादों की स्थिति से निपटने के लिए फायरमैन को रातभर अपनी ड्यूटी करनी पड़ रही है।