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यात्रीगण कृपया ध्यान दें…बस स्टैंड पर जरा संभलकर चलें

यात्रीगण कृपया ध्यान दें! आप बूंदी के रोडवेज बस स्टैंड पर हैं। जरा संभल कर चलें।
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Please note the passenger ... Just take a walk on the bus stand

बूंदी. यात्रीगण कृपया ध्यान दें! आप बूंदी के रोडवेज बस स्टैंड पर हैं। जरा संभल कर चलें। संभल कर बैठे। जरा सी चूक हुई तो चोटिल हो सकते हैं। यह घोषणा भले ही शर्मसार करने वाली लगें, लेकिन बूंदी जिला मुख्यालय के बस अड्डे के यही हाल है। यहां यात्रियों को अब मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरसना पड़ रहा है। बावजूद इसके रोडवेज प्रशासन के पास इनके बेहतर इंतजाम नहीं है। कई बार सरकार के मंत्री भी इसे ठीक करने का वादा कर गए, लेकिन बस स्टैंड की दशा आज भी किसी से छिपी हुई नहीं हैं। परिवहन मंत्री रहे युनूस खान के वे शब्द कि ‘फोटो खेंच कर रख लेना फिर देखना सूरत...’ आज भी लोगों को कचोट रहे हैं।
बस स्टैंड की खस्ताहाल सडक़ें इन दिनों यात्रियों के लिए परेशानी का सबक बनी हुई है। इन सडक़ों से यात्रियों के साथ रोडवेज बसों को भी नुकसान हो रहा है। बस स्टैंड के दिनोंदिन हाल बुरे होते जा रहे हैं। इस ओर अब कोई नहीं देख रहा।सडक़ जर्जर होने के बाद तो ग्रामीण बस स्टैंड से भी बुरे हाल हो गए हैं। उबड़-खाबड़ सडक़, जर्जर शौचालय, प्रतीक्षालय में आवारा मवेशियों का जमावड़ा यहां की पीड़ा बयां कर रहे हैं।
महिलाओं के लिए शौचालय ही नहीं
रोडवेज बस स्टैंड पर महिलाओं के लिए शौचालय ही नहीं बना हुआ। जो बना हुआ था वह बेकार हो गया। सफाई हुए तो मानो वर्षों हो गए।ऐसे में देशी-विदेशी पर्यटक ही नहीं गांव-कस्बों से बूंदी आ रही महिलाओं को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
कूलर तो दूर, पंखें तक नसीब नहीं
गर्मी दिनोंदिन सिर चढकऱ बोल रही है, लेकिन बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं की गई। यहां कूलर तो दूर पंखें भी ठीक से नहीं चल रहे। जिसके चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैठने के लिए अब कोई उचित प्रबंध नहीं रहे। कुर्सियां टूट गई। नैनवां, लाखेरी की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए तो कोई सुविधा ही नहीं रही।
रोडवेज की बसों को भी हो रहा नुकसान
उबड़-खाबड़ सडक़ के चलते रोडवेज प्रशासन को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई बसों की कमानी के पत्ते व अन्य पाट्र्स टूट रहे हैं। गिट्टी उछल रही है। यही नहीं बस स्टैंड पर रात 12 बजे बाद अन्य शहरों से बसों ने आना बंद कर दिया।