जेल में बनी गेंग
आरोपितों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि रामसुख राजेश व बाबूलाल बूंदी जेल में मिले थे।उसी समय से एक दूसरे के अच्छे मित्र बन गए।रात को चोरी करना उन्होंने अपना धंधा बना लिया।रमेश उन्हें चोरी के सामान बेचने के दौरान मिला।फिर चारों मिलकर चोरियां करते। उन्होंने पूछताछ में करीब 2 दर्जन से अधिक चोरियां कबूल की है। पुलिस ने आरोपितों के पास से खाली कारतूस, देसी कट्टा, लोहे का सरिया, बाइक, एक जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।