
पुरुषों की तुलना में महिलाएं निवेश कम कर रही हैं। (PC: Freepik)
Women Wealth Creation: भारत में बढ़ती वित्तीय साक्षरता के कारण महिलाएं वेल्थ मैनेजमेंट और फाइनेंशियल प्लानिंग में पहले की तुलना में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। लेकिन फिर भी महिलाओं के सामने कुछ चुनौतियां ऐसी है, जो उन्हें पुरुषों के मुकाबले वैल्थ क्रिएशन में कमजोर बनाती है। ऐसे में महिलाओं के सामने कुछ ऐसे उपाय है जिनको अपना कर वे अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग को मजबूत कर सकती है।
हाल ही में किए गए YouGov India के एक सर्वे के मुताबिक, करीब 28 फीसदी महिलाएं कोई भी निवेश नहीं करतीं, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 19 फीसदी है। यानी कि पुरुषों की तुलना में 9 फीसदी अधिक महिलाएं निवेश ही नहीं करती हैं। बात करें, इसमें जेन-जी महिलाओं कि तो पुरुषों की तुलना में 4 फीसदी अधिक महिलाएं निवेश नहीं करती। वहीं, मिलेनियल ग्रुप में पुरुषों की तुलना में 2 फीसदी अधिक महिलाएं कोई भी निवेश नहीं करती हैं।
महिलाओं के सामने फाइनेंशियली मजबूत बनने से पहले कई चुनौतियां आती हैं। परिवार की जिम्मेदारियों और शादी के बाद करियर से ब्रेक लेना कुछ बड़ी चुनौतियां हैं। वहीं, महिलाओं में आत्मविश्वास की कमी के कारण वे अपने वित्तीय फैसलों को पुरुषों के भरोसे छोड़ देती हैं। इसके साथ ही महिलाएं घर में होने वाले वित्तीय मामलों में सक्रिय भागीदारी नहीं निभाती।
1. छोटी बचत से करें शुरुआत
निवेश की शुरुआत महिलाओं को जल्द शुरु करनी चाहिए। इसके लिए SIP से हर महीने निवेश शुरु किया जा सकता है। सर्वे में पाया गया कि करीब 28 फीसदी महिलाएं कोई निवेश नहीं करती हैं। ऐसे में SIP उनके लिए एक अच्छा विकल्प है, क्योंकि इससे छोटी रकम से निवेश शुरु किया जा सकता है और लंबे समय में अच्छी पूंजी बनाई जा सकती है।
2. स्वास्थ्य सेवाओं के लिए करें निवेश
महिलाओं की औसत आयु पुरुषों की तुलना में अधिक होती है। इसलिए उन्हें लंबे समय के लिए आर्थिक तैयारी की जरूरत होती है। अपनी आय का एक हिस्सा रिटायरमेंट, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए अलग निवेश करना चाहिए, ताकि भविष्य में आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
3. पैसों से जुड़े फैसलों में भागीदारी बढ़ाएं
सर्वे के अनुसार कई महिलाएं वित्तीय मामलों में पुरुषों से कम आत्मविश्वास महसूस करती हैं। लेकिन उन्हें निवेश, बचत और बीमा जैसे फैसलों में खुद सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इससे आर्थिक समझ बढ़ती है और दूसरों पर निर्भरता कम होती है।
4. इमरजेंसी फंड जरूर बनाएं
सर्वे में केवल 42 फीसदी महिलाओं ने कहा कि वे परिवार के कमाने वाले सदस्य की मृत्यु जैसी स्थिति के लिए आर्थिक रूप से तैयार हैं। इसलिए हर महिला के पास कम से कम कुछ महीनों के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड और पर्याप्त बीमा कवर होना चाहिए। यह कठिन समय में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है और निवेश योजनाओं को प्रभावित होने से बचाता है।
Published on:
12 Jun 2026 12:36 pm
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