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उपचुनाव के पहले आधार शिला रखी, विधानसभा चुनाव भी बीते, लेकिन सिंचाई परियोजना नहीं हो सकी शुरु

15 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने की 394 करोड़ की योजना की 2020 में रखी गई थी आधारशिक्षा
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काठन नदी

काठन नदी

छतरपुर. बडामलहरा व घुवारा तहसील क्षेत्र के 74 गांव के किसानों को सिंचाई के लिए पानी देने की योजना की आधार शिला बड़ामलहरा विधानसभा उपचुनाव के पहले रखी गई। उपचुनाव बीता, आम चुनाव भी बीत गया, लेकिन परियोजना शुरु नहीं हो सकी है। योजना के जरिए 15 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचित किया जाना था, ताकि बेरोजगारी के चलते इलाके से हो रहे पलायन को रोका जा सके। लेकिन पलायन रोकने के मकसद से तैयार की गई परियोजना पर आज तक काम शुरु नहीं हो सका है। जबकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो वर्ष पूर्व 16 सितंबर 2020 को ग्राम लिधौरा में उपचुनाव की सभा के दौरान 394 करोड रुपए की काठन सिंचाई परियोजना की आधार शिला रखी। इसके अलावा 150 करोड रुपए क्षेत्र के विकास कार्यो पर खर्च करने की घोषणा की थी।

सूखे की समस्या से निपटने की है योजना
योजनानुसार काठन नदी पर आमखेरा के पास बांध निर्माण प्रस्तावित है। बडामलहरा व घुवारा तहसील के 74 गावों की 15 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचित की जाना है। इस योजना की पूर्णत के पश्चात वर्षों से चली आ रही सूखे की समस्या से किसानों को निजात मिल सकेगी। घुवारा तहसील के पनवारी, चूरामनखेरा, चरखाखेरा, रिछारा, मूसनखेरा, चौनाउन खेरा, बांकपुरा, झिंगरी, माखनपुरा, रामपुरा, कुंवरपुरा सहित 19 गांव भगवां क्षेत्र के भगवां, जनकपुरा, मथानीखेरा, कुसाल सहित 16 गांव, बड़ामलहरा क्षेत्र के लिधौरा, पथरिया, पिपराकला, ग्वालगंज, सैरोरा, वीरों, धरमपुरा, बमनी सहित 39 गांव लाभांवित करने की योजना पर काम शुरु किया जाना था।

फैक्ट फाइल
योजना- काठन सिंचाई परियोजना
आधार शिला- 2020
लागत- 394 करोड
लाभांवित गांव- 74
तहसील- बडामलहरा, घुवारा
डूब क्षेत्र- 5 गांव
निर्माण एजेंसी- जल संसाधन
कार्य पूर्णत: अवधि- 18 माह
प्रगति- शून्य