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छतरपुर में राजकल्पना और सफर ट्रैवल्स की बसें जब्त, 29 बसों की जांच में 56 हजार के चालान

Bus Checking: बस ट्रैवल्स संचालकों ने की नियमों की अनदेखी, इमरजेंसी गेट के पास लगवाईं एक्स्ट्रा सीटें, आरटीओ चला रहा विशेष जांच अभियान।
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Chhatarpur Bus Checking

rajkalpana safar travels buses seized rto action, बस की जांच करते आरटीओ अधिकारी (Source-Patrika)

Chhatarpur Bus Checking: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में परिवहन विभाग ने यात्री बसों की जांच के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाली बस ट्रैवल्स पर सख्त कार्रवाई की है। राजकल्पना ट्रेवल्स और सफर ट्रेवल्स की बसों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए बनाए गए नियमों को ताक पर रखकर बीच के रास्ते को 12 से 14 इंच की संकरी गैलरी को कवर कर अतिरिक्त जगह निकालना पाया गया और इमरजेंसी गेट के पास एक्स्ट्रा चेयर (अतिरिक्त सीटें) लगाना भी पाया गया है।

सीटों को हटवाया

जांच के दौरान आपातकालीन दरवाजे के ठीक सामने नियम विरुद्ध सीटें लगी पाए जाने पर राजकल्पना और सफर ट्रैवल्स की दो बसों को जब्त कर लिया गया। दोनों बसों पर 10-10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया। इसके साथ ही आपातकालीन दरवाजे के सामने लगाई गई सीटों को मौके पर ही कटवाकर हटाया गया, ताकि किसी भी हादसे के समय यात्रियों के बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह साफ रहे।

अब तक 29 बसों की जांच, 56 हजार की चालानी कार्रवाई

परिवहन विभाग के अनुसार, इस विशेष जांच अभियान के तहत अब तक 29 बसों की जांच की जा चुकी है, जिनमें विभिन्न अनियमितताएं मिलने पर कुल 56 हजार रुपए की चालानी कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के दौरान बसों के दस्तावेज, परमिट, गाड़ी की स्थिति (फिटनेस), आपातकालीन निकास, आग बुझाने के यंत्र और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को बारीकी से जांचा जा रहा है। इस कार्रवाई में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) मधु सिंह के साथ मनीष खरे, सीएल महौर, नौमी मांझी, यासीन खान और नरेश सोनी शामिल रहे।

12-14 इंच की गैलरी अपर्याप्त- विशेषज्ञ

सरकारी मानकों के अनुसार लंबी दूरी और स्लीपर बसों में बीच की गैलरी की चौड़ाई 12 से 14 इंच (300 से 350 मिलीमीटर) तय की गई है। लेकिन धरातल पर यह नियम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से बेहद नाकाफी साबित हो रहा है। यात्रियों व विशेषज्ञों का कहना है कि 12 से 14 इंच का रास्ता इतना संकरा होता है कि सामान्य शारीरिक बनावट वाला एक वयस्क व्यक्ति भी इससे बड़ी मुश्किल से गुजर पाता है। ऐसे में अगर सामने से कोई दूसरा यात्री या बस स्टाफ आ जाए, तो रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो जाता है। स्लीपर बसों में तो ऊपर और नीचे की सीटों (बर्थ) के बीच जगह पहले से ही सीमित होती है। संकरी गैलरी के कारण ऊपर या नीचे की बर्थ से उतरकर यात्रियों को बाहर निकलने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। इतना ही नहीं आपात स्थिति में संकरी गैलरी में किसी यात्री के फंसने या गिरने से पूरा रास्ता बंद हो सकता है, इसलिए गैलरी की चौड़ाई बढ़ाई जानी चाहिए।