
40 वर्ष में पहली बार बदलाव
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के ओपनर बल्लेबाज पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) डोपिंग मामले (Doping Case) में दोषी पाए गए थे। जिसके चलते उन पर 8 महीने का प्रतिबंध लगा था। इस मामले को अभी ज्यादा वक्त भी नहीं हुआ है कि अब एक और भारतीय खिलाड़ी पर प्रतिबंधित दवा का सेवन करने का आरोप लगा है। नए मामले के तहत मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh Women Cricket Team) की ऑलराउंडर अंशुला राव (Anshula Rao) डोपिंग की दोषी पाई गई हैं।
चार साल का लगा प्रतिबंध
ऑलराउंडर अंशुला राव पर डोपिंग की दोषी पाई जाने पर 4 साल का प्रतिबंध लगाया गया है। वह ऐसी पहली महिला क्रिकेटर हैं जिन पर 4 साल प्रतिबंध लगाया गया है। अंशुला म्रध्यप्रदेश के लिए क्रिकेट खेलती हैं और उन्होंने आखिरी बार बीसीसीआई द्वारा आयोजित अंडर—23 टी20 टूर्नामेंट में अपने राज्य का प्रतिनिधित्व किया था। हालांकि अंशुला इससे पहले भी प्रतिबंधित पदार्थ एनाबोलिक स्टीरॉयड 19-नोरैंड्रोस्टेरोन का सेवन करने की दोषी पाई जा चुकी हैं। वह वर्ष 2014 में बड़ौदा में इस पदार्थ का सेवन करने की दोषी पाई गई थी।
अंशुला डोपिंग मामले में नहीं दे पाई कोई स्पष्ट जवाब
मध्य प्रदेश की ऑलराउंडर अंशुला डोपिंग मामले में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सकी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंशुला के दो सैंपल जांच के लिए बेल्जियम स्थित मान्यता प्राप्त लैब में भेजे गए थे। एंटी डोपिंग डिसिप्लिनरी पैनल के अनुसार, अंशुला ने यह ड्रग जानबूझकर लिया है। जांच पैनल के अधिकारियों का मानना है कि यह खिलाड़ी की जिम्मेदारी होती है कि वह अपने शरीर में किसी प्रकार का प्रतिबंतिधित पदार्थ न जाने दे।
शॉ ने की थी शानदार वापसी
प्रतिबंध के बाद पृथ्वी शॉ ने शानदार वापसी की थी। उन्होंने सैयद मुश्ताक अली और विजय हजारे ट्रॉफी में बेहतरीन प्रदर्शन किया था। जब शॉ पर डोपिंग का मामला चला था तो उन्होंने कहा था कि मैंने खासी की दवा लेने के दौरान प्रतिबंधित प्रदार्थ गलती से सेवन कर लिया था।
Updated on:
29 Jun 2021, 12:29 AM IST
Published on:
29 Jun 2021, 12:17 AM IST
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