
कोलंबो। टीम इंडिया से बाहर चल रहे धुरंधर बल्लेबाज युवराज सिंह ने कहा है कि वह अब भी असफल हो रहे हैं, लेकिन यही असफलता उन्हें एक दिन सफलता दिलाएगी। उन्होंने कहा कि उन्हें अब भी वर्ष 2019 विश्व कप में खेलने का विश्वास है। वर्ष 2011 के विश्वकप में मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहे युवराज पिछले कुछ समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं। युवराज ने अपना पिछला वनडे इस वर्ष जून में वेस्टइंडीज के खिलाफ और पिछला ट््वंटी-20 मैच इस वर्ष फरवरी में इंग्लैंड के खिलाफ बेंगलूरु में खेला था। तब से वह भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं।
युवराज ने यहां यूनिसेफ के कार्यक्रम में सोमवार को कहा, एक सफल सफल इंसान बनने के लिए आपका असफल होना जरूरी है। मैं असफलता से नहीं डरता। मैंने अपने करियर में ऐसे कई उतार-चढ़ाव देखें हैं। मैंने असफलता देखी हैं और यह सफलता का स्तंभ है। 2007 के ट््वंटी-20 विश्वकप में इंग्लैंड के खिलाफ एक मैच में छह गेंदों पर लगातार छह छक्के लगाने वाले धुरंधर ऑलराउंडर ने कहा कि अपने करियर को लेकर कोई भी फैसला वह स्वयं लेंगे। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि वह 2019 के विश्वकप तक उम्मीद नहीं छोड़ेंगे और टीम में वापसी के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
युवराज ने कहा, मैं अब भी खेल रहा हूं। मैं नहीं जानता कि किस प्रारूप में मैं खेल रहा हूं। लेकिन मैं पहले जैसे ही आज भी कड़ी मेहनत कर रहा हूं। हो सकता है कि यह पहले से भी कड़ी हो, क्योंकि मेरी उम्र बढ़ रही है। मुझे लगता है कि मैं 2019 तक क्रिकेट खेल सकता हूं और फिर उसके बाद ही अपने करियर को लेकर कोई फैसला करूंगा। मुझे खुद पर भरोसा है।
आगामी 12 दिसंबर को 36 साल के हो रहे युवराज ने भारत के लिए अब तक 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 ट््वंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने क्रमश: 1900, 8701 और 1177 रन बनाए हैं। ऑलराउंडर युवराज ने इतने ही मैचों में नौ, 111 और 28 विकेट भी लिए हैं।
Published on:
4 Dec 2017, 10:42 PM IST
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