24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Duleep Trophy 2026: करुण नायर ने अचानक क्यों छोड़ा दलीप ट्रॉफी का फाइनल? साउथ जोन के कोच का आया पहला रिएक्शन

Karun Nair Dropped Form South Zone: दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलने के बाद करुण नायर टीम छोड़कर घर लौट गए। उनके फैसले और सोशल मीडिया पोस्ट के बाद टीम सेलेक्शन पर सवाल उठने लगे हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Vivek Kumar Singh

•

Updated: 8 Sep 2026, 12:13 PM IST

Karun Nair

भारतीय क्रिकेटर करुण नायर। (फोटो सोर्स: IANS)

Karun Nair Leaves Duleep Trophy Final: दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताबी मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जा रहा है, जहां साउथ जोन का सामना ईस्ट जोन से हो रहा है। खेल के दो दिन का खेल खत्म हो चुका है और ईस्ट जोन ने अपनी पहली पारी में 708 रन बना लिए हैं। इस दौरान साउथ जोन को छोड़कर करुण नायर अपने घर लौट गए और उन्होंने छत्तीसगढ़ के खिलाफ साउथ जोन सेक्रेटरी 11 की तरफ से खेलते हुए शतक जड़ दिया है।

नायर ने जाहिर की निराशा

करुण नायर ने प्लेइंग इलेवन में न चुने जाने के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया और निराशा जाहिर की। उन्होंने लिखा, "इसे न समझने लायक कहना कम होगा।" तिहरा शतक जड़ने वाले बल्लेबाज के होते हुए अगर कोई टीम उसे प्लेइंग 11 से बाहर रखती है तो यह बात किसी को हजम नहीं होगा। हालांकि जब लगातार दूसरे मुकाबले से साउथ जोन ने उन्हें अपनी प्लेइंग इलेवन से बाहर किया, तो करुण नायर ने घर लौटने का विकल्प चुना और उसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ के खिलाफ एक शानदार शतकीय पारी खेली।

कोच ने दिया अपडेट

दलीप ट्रॉफी का फाइनल छोड़कर अब करुण नायर कर्नाटक की रणजी टीम के लिए तैयारियां शुरू कर चुके हैं। जब करुण नायर के फाइनल छोड़कर जाने की बात साउथ जोन के कोच विक्रम वर्मा से पूछी गई, तो उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने निजी कारणों से टीम का साथ छोड़ा। हालांकि, करुण नायर ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा पोस्ट कर दिया, जिसके बाद से टीम सेलेक्शन पर सवाल उठने लगते हैं।

कोच ने बताया कि उन्होंने इसके लिए ईमेल की थी और उन्हें इजाजत भी मिल गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि टीम ने अच्छे कॉम्बिनेशन के साथ फाइनल में जाने का फैसला किया। टीम दो लेफ्ट आर्म स्पिनर को रखने की सोच के साथ उतरी और मिडिल ऑर्डर में एक बाएं हाथ के बल्लेबाज को रखने की कोशिश की गई। साउथ जोन ने फाइनल को लेकर सिर्फ दो ही मुकाबले खेले हैं। इससे पहले उन्हें सीधे सेमीफाइनल में जगह मिली थी, जहां उन्होंने नॉर्थ जोन के खिलाफ उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली, क्योंकि साउथ जोन टीम कॉम्बिनेशन में युवाओं को मौका देना चाहता था। इसके बाद से फाइनल में जब देवदत्त पडिक्कल जैसे बल्लेबाज वापस आ गए, तो करुण को मजबूरी में टीम से बाहर रखना पड़ा।