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आखिरकार कुंबले को चीफ कोच पद से हटाने को लेकर बोले द्रविड़

भारतीय दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान द्रविड़ ने बेहद गलत बताया कुंबले को कोच पद से हटाने का तरीका...
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Kuldeep Panwar

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Updated: 31 Oct 2017, 9:22 PM IST

finally dravid spoke on kumble issue

बेंगलूरु। पूर्व भारतीय कोच अनिल कुंबले को उनके पद से हटाए जाने के लगभग चार महीने बाद उनके पूर्व टीम साथी और वर्तमान जूनियर इंडिया टीम के चीफ कोच राहुल द्रविड़ ने आखिरकार इस पर अपने विचार जाहिर कर दिए हैं। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाजों में शुमार रहे और भारतीय दीवार के नाम से जाने जाने वाले राहुल द्रविड़ ने कुंबले को पद से हटाए जाने के तरीके को ङ्क्षनदनीय करार दिया है।

क्या था अनिल के हटने का मामला
कुंबले ने इस वर्ष चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पाकिस्तान से मिली हार के बाद कोच के पद से इस्तीफा दे दिया था। मीडिया में ऐसी खबरें आ रही थीं कि उनके और कप्तान विराट कोहली के बीच रिश्तों में कुछ खटास आ गई थी। टीम चयन हो या फिर मैच की रणनीति, कुंबले और कोहली के बीच एकमत नहीं था। इसलिए अनिल कुंबले ने खुद ही कोच पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि चैंपियंस ट्रॉफी शुरू होने से पहले ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने चीफ कोच नए सिरे से तलाशने की शुरुआत कर दी थी, जिसके लिए मीडिया में विज्ञापन जारी कर आवेदन भी मांगे गए थे। इससे ये संकेत मिले थे कि कुंबले को आगे बरकरार नहीं रखा जाएगा।

दिग्गज क्रिकेटर के लिए था अपमानजनक
द्रविड़ ने बेंगलूरु साहित्योत्सव में कहा, जिस तरह से पूरा मुद्दा मीडिया में उछला, वह अनिल कुंबले के लिए बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। हालांकि सच्चाई क्या है, यह मुझे नहीं पता इसलिए सीधे रूप से मैं कुछ टिप्पणी नहीं कर सकता। मगर कुंबले जैसे दिग्गज खिलाड़ी के लिए निश्चित ही यह बहुत ही अपमानजनक था। सार्वजनिक तौर पर कुंबले से संबंधित ये सारी चीजें बाहर नहीं आनी चाहिए थीं।

भारतीय अंडर-19 और इंडिया-ए क्रिकेट टीम के कोच 44 वर्षीय द्रविड़ ने कहा, कोच को निकाल दिया जाता है। जब आप खेलना छोड़कर कोच बनते हैं तो एक दिन आपको जाना ही पड़ता है। सच्चाई यही है। इंडिया-ए और अंडर-19 का कोच होते हुए मैं जानता हूं कि मुझे भी जाना होगा। कुछ फुटबॉल मैनेजर्स को दो मैचों के बाद ही निकाल दिया जाता है। खिलाड़ी कोच से ज्यादा ताकतवर होते हैं, क्योंकि जब हम खेलते थे तो कोच से ज्यादा ताकतवर थे। भारत के लिए 164 टेस्ट, 344 वनडे और एकमात्र टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले पूर्व कप्तान ने कुंबले की तारीफ करते हुए कहा कि वह अपने समय के बहुत बड़े खिलाड़ी थे। टेस्ट मैचों में भारत की जीत में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने एक साल तक टीम की कोचिंग काफी अच्छे तरीके से की। इसलिए इस मुद्दे का इस तरह सार्वजनिक होना ठीक नहीं था।

राहुल द्रविड़ ने कहा
मुझे लगता है कि यह सब मीडिया में काफी उछला, जो कुंबले और किसी अन्य के लिए भी सही नहीं था। सच क्या है और बंद दरवाजे के पीछे क्या हुआ, यह मैं नहीं जानता। लेकिन उनके जैसे दिग्गज के लिए यह वाकई दुखद था, जिसने भारत के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट मैच जिताए हैं। उनका बतौर कोच करियर भी शानदार रहा है।