
नई दिल्ली: भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच तिरुवनन्तपुरम में खेले गए आखिरी और निर्णायक टी-20 मुकाबला भारत ने जीत लिया। देरी होने के कारण मैच को 20 ओवर से घटा कर 8-8 ओवर का कर दिया गया था। इस निर्णायक मुकाबले को भारत ने 6 रन से जीत लिया, इसी के साथ 3 मैचों कि टी-20 सीरीज भारत ने 2-1 से जीत ली।
भले ही भारत टी-20 श्रंखला 2-1 से जीत गया हो लेकिन न्यूज़ीलैंड के खिलाफ खेली गई सीरीज में धोनी की बल्लेबाजी को लेकर उपजा विवाद ख़त्म होने का नाम नहीं ले रहा। हालांकि महेंद्र सिंह धोनी को इस श्रंखला में बल्लेबाजी करने के ज्यादा मौके नहीं मिले, फिर भी क्रिकेट पंडित अपने गणित बिठा कर माही को कटघरे में खड़ा करने से नहीं चूक रहे। पूर्व तेज गेंदबाज अजीत अगरकर और पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण के बाद टी-20 में धोनी की बल्लेबाजी को लेकर सवाल उठाने वालों में पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का नाम भी जुड़ गया है।
पूर्व कप्तान ने एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में टी-20 में धोनी का विकल्प ढूंढने की बात कही है। गांगुली ने कहा है कि अगर धोनी के प्रदर्शन में सुधार नहीं दिखता तो बीसीसीआई को उनका विकल्प खोजना शुरू कर देना चाहिए।
हालांकि गांगुली ने यह भी कहा है कि टीम मैनेजमेंट को धोनी से बैठकर बात करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धोनी को सुधार के लिए पर्याप्त मौका मिलना चाहिए। गांगुली ने कहा, ”धोनी ट्वेंटी20 क्रिकेट में बड़ा नाम है इसलिए कोई फैसला लेने से पहले, मुझे लगता है कि उन्हें एक बार सुधार का पर्याप्त मौका दिया जाना चाहिए।
इससे पहले बुधवार को टीम के कप्तान विराट कोहली ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए धोनी का समर्थन किया। विराट ने धोनी को लेकर उठ रहे सवालों पर जबाब देते हुए कहा कि "आपने श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया सीरीज में देखा होगा कि धोनी का प्रदर्शन शानदार रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में उन्हें बल्लेबाजी का ज्यादा मौका ही नहीं मिल पाया। आपको ये समझना होगा कि वह किस समय और किस पोजिशन पर बल्लेबाजी करने आते हैं। यहां तक कि हार्दिक भी उस पोजीशन पर कभी-कभी बल्लेबाजी नहीं कर पाता है और आप एक व्यक्ति पर उंगली उठा रहे हैं।''
कोहली ने कहा, ''अगर मैं तीन बार फेल होता हूं तो कोई मुझपर उंगली नहीं उठाएगा क्योंकि मैं 35 (साल) से ऊपर नहीं हूं।" उन्होंने कहा कि, ''मुझे लगता है कि लोगों को थोड़ा धैर्य रखना चाहिए. धोनी बेहद समझदार खिलाड़ी हैं और वो अच्छी तरह समझते हैं कि उनका क्रिकेट कैसा है, उनका शरीर कैसा है। किसी और को उनके बारे में फैसला लेने का कोई हक नहीं हैं।'
Published on:
9 Nov 2017, 10:20 AM IST
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