
नई दिल्ली। जीता का किला अर्थात कोटला में भारत और श्रीलंका की टीम आखिरी मैच के आमने-सामने होगी। टीम इंडिया की नजर मैच को जीतने के साथ-साथ कई विराट रिकॉर्डों को भी अपने नाम पर करने की होगी। 2015 से अबतक लगातार आठ टेस्ट सीरीज जीत चुकी भारतीय टीम यदि इस मैच को जीत या ड्रा कराती है तो उसके नाम पर लगातार नौ सीरीज जीतने का रिकॉर्ड दर्ज होगा। आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बाद ऐसा कारनामा करने वाली भारतीय टीम दुनिया की तीसरी टीम बनेगी। हालांकि इससे पहले कप्तान कोहली और चयन समिति को अंतिम एकादश के चयन की चुनौती से पार पाना होगा। बेहतरीन फार्म में चल रहे तीन सलामी बल्लेबाज शिखर धवन , केएल राहुल और मुरली विजय में से किसे बाहर का रास्ता दिखाया जाता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
30 साल से अजेय है भारत
नागपुर में पारी और 239 रन की जीत से टीम सीरीज में 1-0 से आगे है। जबकि श्रीलंका की टीम अब भी भारत में अपने पहले टेस्ट जीत का इंतजार कर रही है। कोटला में भारत का रिकॉर्ड काफी अच्छा है। यहां पर भारत पिछले 30 सालों से कोई भी टेस्ट नहीं हारी है। ऐसे में भारत की बेहतरीन टीम प्रदर्शन के सामने श्रीलंका को जीत के चमत्कारिक प्रदर्शन दिखाना होगा।
दिखाना होगा दम
इस सीरीज में कोलकाता की पहली पारी को छोड़ कर मेहमान टीम लगातार संघर्ष करती दिखी है। श्रीलंका की तेज और स्पिन गेंदबाजी भारतीय बल्लेबाजों के सामने बौनी नजर आ रही है। श्रीलंकाई टीम प्रबंधन को कुछ अतिरिक्त प्रयास करने की जरुरत है ताकि वे भारत के सामने चुनौती पेश कर सके। केवल गेंदबाजी ही नहीं बल्लेबाजी भी श्रीलंका का कमजोर पक्ष साबित हुई है। श्रीलंका के अनुभवी बल्लेबाजों दिमुथ करूणारत्ने, लाहिरू तिरिमाने, एंजेलो मैथ्यूज और कप्तान दिनेश चांडीमल को विकेट पर समय गुजारना होगा तभी जाकर मेहमान टीम कुछ संघर्ष कर पाएगी।
वेंडरसे कर सकते है परेशान
लेफ्ट आर्म स्पिनर रंगना हेरात के बाहर होने से श्रीलंका की ङ्क्षचता और बढ़ी है। उनकी जगह लेग स्पिनर जेफ्री वेंडरसे को टीम में शामिल किया गया है जो टेस्ट में अपना पदार्पण कर सकते हैं। श्रीलंका यदि वेंडरसे को मुकाबले में उतारता है तो वह नए होने के कारण भारतीयों को परेशान कर सकते हैं।
Published on:
01 Dec 2017 11:22 pm
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