
मध्य प्रदेश के गेंदबाज आवेश खान। (File Photo- IANS)
Jammu-Kashmir vs Madhya Pradesh: जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश के बीच रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप-ए मुकाबला खेला जा रहा है। इस मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन जम्मू-कश्मीर ने मध्य प्रदेश से मिले 326 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए संकट में आ गई है। दरअसल, मुकाबले के चौथे दिन उसके शीर्ष क्रम के 5 बल्लेबाज महज 12 के स्कोर पर पवेलियन लौट गए। शीर्ष क्रम के पांच बल्लेबाजों के आउट होने के बाद जम्मू-कश्मीर पर हार का संकट मंडरा रहा है। समाचार लिखे जाने तक जम्मू-कश्मीर की टीम जीत से 290 रन से पीछे थी।
मध्य प्रदेश की घातक गेंदबाजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दूसरी पारी में जम्मू-कश्मीर के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके। जम्मू-कश्मीर के ओपनर कामरान इकबाल, शुभमन पुंडीर और कप्तान पारस डोगरा ने 4-4 रनों का योगदान दिया, जबकि शुभम खजुरिया और अब्दुल समद खाता नहीं खोल सके।
मध्य प्रदेश ने पहली इनिंग में 196 रन बनाए और जम्मू-कश्मीर को 120 रन पर ऑलआउट कर 76 रन की बढ़त बनाई। वहीं मध्य प्रदेश ने दूसरी इनिंग में 6 विकेट पर 249 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। इस तरह मध्य प्रदेश ने डिफेंडिंग चैंपियन जम्मू-कश्मीर को जीत के लिए 326 रन का लक्ष्य दिया है। समाचार लिखे जाने तक 48 रन पर 5 विकेट गंवा दिए। जम्मू-कश्मीर को जीत के लिए समाचार लिखे जाने तक 278 रनों की दरकार थी।
रणजी ट्रॉफी में सबसे कम स्कोर पर ऑलआउट होने का रिकॉर्ड हैदराबाद के नाम है। साल 2010 में जयपुर में राजस्थान के खिलाफ खेलते हुए हैदराबाद की पूरी टीम महज 21 रन पर सिमट गई थी। वहीं, इस सूची में दूसरे स्थान पर साउथ पंजाब है, जिसने 1935 में नॉर्थ इंडिया के खिलाफ सिर्फ 22 रन बनाए थे।
जम्मू-कश्मीर की टीम का नाम भी इस सूची में दो बार दर्ज है। टीम 1960 में दिल्ली के खिलाफ और 1977 में हरियाणा के सामने महज 23 रन पर ढेर हो गई थी।
इस तरह रणजी ट्रॉफी के इतिहास के चौथे और पांचवें सबसे कम स्कोर का रिकॉर्ड जम्मू-कश्मीर के नाम है।
वहीं, मौजूदा दशक यानी 2020 के बाद से रणजी ट्रॉफी में सबसे कम स्कोर बनाने का रिकॉर्ड नागालैंड के नाम है। नागालैंड की टीम 2022 में उत्तराखंड के खिलाफ महज 25 रन पर ऑलआउट हो गई थी।
Updated on:
14 Oct 2026 02:16 pm
Published on:
14 Oct 2026 02:01 pm
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