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बर्थडे स्पेशल: कोहली को ‘विराट’ बनाने में इस शख्स ने बहाया है खून-पसीना

भारतीय टेस्ट कप्तान विराट कोहली की शानदार बल्लेबाजी से दुनियाभर के गेंदबाजों को डर लगता है। पर कोई ऐसा भी है जिससे विराट डरते हैं।
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Akashdeep Singh

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Updated: 5 Nov 2018, 11:16 AM IST

virat kohli birthday

बर्थडे स्पेशल: कोहली को 'विराट' बनाने में इस शख्स ने बहाया है खून-पसीना

नई दिल्ली। वैसे तो टीम इंडिया के इस शानदार बल्लेबाज की आज पूरी दुनिया कायल है लेकिन कहते हैं ना हर सफल शिष्य के पीछे उसके माता-पिता के अलावा एक छिपा हुआ गुरू भी होता है, जो ज्यादातर सामने तो नहीं आता लेकिन उसकी राह को आसान बनाने का काम करता है। ऐसा ही कुछ किया कोहली के कोच राजकुमार शर्मा ने।


विराट कोहली के जन्मदिवस पर हम उनके साथ साथ उनके गुरु की चर्चा भी कर रहे है, क्योंकि ऐसा जरूरी तो नहीं कि गुरु की चर्चा सिर्फ शिक्षक दिवस के दिन ही हो। अगर कोई ऐसा मानता है तो वह उस गुरु के लिए नाइंसाफी होगी। आज हम शिष्य विराट कोहली के साथ साथ उनके गुरु राजकुमार के बारे में भी बात करेंगे और बताएंगे कि उनकी नज़र में विराट कोहली क्या हैं! कोहली आज भी अपने कोच से सलाह लेते हैं और अपने कोच को उतना ही आदर औऱ सम्मान देते हैं जितना एक शिष्य अपने गुरू को देता है।

माँ-बाप की डांट से ज्यादा गुरु की डांट से डरते हैं विराट -
भारतीय टेस्ट कप्तान विराट कोहली की शानदार बल्लेबाजी से दुनियाभर के गेंदबाजों को डर लगता है। पर कोई ऐसा भी है जिससे विराट डरते हैं। विराट अक्सर कहते हैं कि आज जब वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टॉप पर पहुंच गए हैं, फिर भी वह अपने कोच राजकुमार शर्मा और उनकी डांट से सबसे ज्यादा डरते हैं।

जब तक मैच समाप्त नहीं होता था, पैड किए रहते थे विराट-
विराट के कोच व गुरु राजकुमार बताते हैं कि जब वह मैदान पर खेलने जाया करते थे उस वक्त वह नंबर चार पर बैटिंग करते थे और अगर वह आउट हो गए तो वो तब तक अपने पैड को नहीं निकालते थे जब तक मैच समाप्त न हो जाए।

जब भावुक हुए विराट के गुरु-
गुरु और शिष्य एक ऐसा रिश्ता होता है जिसमें मान, मर्यादा, दोस्ती सभी कुछ एक ही में समाया होता है। गुरु द्रोणाचार्य को उनके शिष्य एकलव्य ने अपना अंगूठा दान दिया था। आज के जमाने में ऐसे गुरु-शिष्य की जोड़ी मिलना मुश्किल है। पर गुरु-शिष्य के रिश्ते के सम्मान को बनाए रखने के लिए भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने कुछ ऐसा किया जो उनके गुरु के लिए यादगार बन गया।

विराट कोहली को वर्ल्ड नंबर 1 टीम का कप्तान बनाने में सबसे बड़ा योगदान उनके कोच राजकुमार शर्मा का रहा है। जो किसी से भी छुपा नहीं है। पर इस 'शिष्य' ने 2014 में शिक्षक दिवस के मौके पर अपने सख्त 'गुरु' को भावुक कर दिया था। जिसे वह कभी भी भुला नहीं पायेंगे।

दिग्गज खेल पत्रकार विजय लोकपल्ली की किताब 'ड्रिवेन' में इस घटना का जिक्र किया गया है। लेखक ने लिखा है कि 'मैंने एक दिन घंटी बजने पर दरवाजा खोला तो सामने विराट के भाई विकास खड़े थे। इतनी सुबह उसके भाई के आने से मुझे चिंता होने लगी। विकास ने अंदर आकर एक नंबर लगाया और फिर फोन मुझे दे दिया। दूसरी ओर विराट फोन पर था जिसने कहा, हैपी टीचर्स डे सर।'

इसके बाद विकास ने राजकुमार की हथेली पर चाबियों का एक गुच्छा रखा। राजकुमार हतप्रभ देखते रहे। विकास ने उन्हें घर से बाहर आने को कहा। दरवाजे पर एक स्कोडा रैपिड रखी थी जो विराट ने अपने गुरु को उपहार में दी थी।' राजकुमार कहते हैं, 'बात सिर्फ यह नहीं थी कि विराट ने मुझे तोहफे में कार दी थी बल्कि पूरी प्रक्रिया में उसके जज्बात जुड़े थे और मुझे लगा कि हमारा रिश्ता कितना गहरा है और उसके जीवन में गुरु की भूमिका कितनी अहम है।'

15 वर्ष के विराट को मिला था बड़ी कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट-
गुरु राजकुमार कहते हैं कि विराट कोहली की खेल प्रतिभा व काबिलियत का अंदाजा हम इस बात से लगा सकते हैं कि बिना कोई रणजी मैच खेले विराट को एक बैट कंपनी बीडीएम ने कॉन्ट्रेक्ट देकर साइन कर लिया था। उस वक्त विराट की उम्र महज 15 साल ही थी।

कोच से पड़ते थे थप्पड़-
विराट का गुस्सा क्रिकेट के मैदान पर तो हम सभी ने देखा है लेकिन कोच की मानें तो उनके लिए ये सब नया नहीं है। विराट जब छोटे थे तब भी वो बहुत गुस्सैल और जिद्दी प्रवर्ति के थे। विराट कितने गुस्सैल थे इसबात का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि उन्हें शांत करने के लिए उनके कोच ने उन्हें कई बार थप्पड़ तक मारें हैं।