
भारतीय क्रिकेट टीम। (File Photo- IANS)
Team India Fielding: टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारतीय टीम की फील्डिंग चिंता का विषय बनती जा रही है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी में दम दिखाने वाली टीम इंडिया कैच पकड़ने के मामले में लगातार संघर्ष करती नजर आ रही है। साल 2025 से अब तक के टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों के आंकड़े इस समस्या को उजागर करते हैं। क्रिकेट वेबसाइट 'क्रिकबज' की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय टीम ने इस अवधि में कई अहम मौकों पर गलतियां की हैं। छोटे फॉर्मेट में फील्डिंग की ऐसी चूक टीम के प्रदर्शन और मैच के नतीजे पर भारी पड़ सकती है।
'क्रिकबज' के आंकड़ों के अनुसार, टीम इंडिया ने साल 2025 से अब तक खेले गए 50 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में कुल 79 कैच छोड़े हैं। यह आंकड़ा बताता है कि भारतीय खिलाड़ी कैच लेने के अवसरों को लगातार भुनाने में नाकाम रहे हैं। टी20 क्रिकेट में हर विकेट की अहमियत होती है। ऐसे में कैच छोड़ने से विपक्षी बल्लेबाजों को जीवनदान मिलता है और वे इसका फायदा उठाकर टीम के लिए बड़ा स्कोर खड़ा कर सकते हैं। इसके अलावा, भारतीय टीम ने इन 50 मुकाबलों में चार बार स्टंपिंग का मौका भी गंवाया है।
फील्डिंग में भारतीय टीम की परेशानी केवल कैच छोड़ने तक सीमित नहीं है। 'क्रिकबज' के मुताबिक, टीम इंडिया ने 2025 से अब तक 50 टी20 इंटरनेशनल मैचों में रन आउट करने के कुल 95 मौके गंवाए हैं। रन आउट के अवसरों को भुनाने के लिए खिलाड़ियों के बीच बेहतर तालमेल, सटीक थ्रो और तेजी से निर्णय लेने की क्षमता जरूरी होती है। इन पहलुओं में सुधार करके भारतीय टीम विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बना सकती है।
आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय टीम ने इन 50 मुकाबलों में कुल 168 मिसफील्ड किए हैं। इसके अलावा, खिलाड़ियों ने 10 ओवरथ्रो भी किए हैं। मिसफील्ड के कारण बल्लेबाजों को अतिरिक्त रन मिलते हैं, जबकि ओवरथ्रो से भी विपक्षी टीम को स्कोर बढ़ाने का मौका मिलता है। करीबी मुकाबलों में ये अतिरिक्त रन निर्णायक साबित हो सकते हैं।
टीम इंडिया को आगामी मुकाबलों में अपनी फील्डिंग पर विशेष ध्यान देना होगा। कैचिंग, थ्रो की सटीकता और मैदान पर खिलाड़ियों की सतर्कता में सुधार करना जरूरी है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ चुस्त फील्डिंग भी जीत की अहम कुंजी है। यदि भारतीय टीम को टी20 इंटरनेशनल में अपना दबदबा बनाए रखना है, तो उसे मैदान पर गलतियां कम करके कैच पकड़ने और रन आउट के मौकों को भुनाने में निरंतरता लानी होगी।
Updated on:
11 Oct 2026 02:42 pm
Published on:
11 Oct 2026 02:42 pm
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