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अगले सीजन से फुल टाइम कोचिंग में नजर आ सकते हैं वसीम जाफर, ले सकते हैं संन्यास

जाफर ने यह बातें अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली के खिलाफ खेले जा रहे रणजी ट्रॉफी मैच के पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद कही।
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नई दिल्ली

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Mazkoor Alam

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Updated: 19 Jan 2020, 7:48 PM IST

Wasim Jaffer

Wasim Jaffer

नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज और घरेलू क्रिकेट में बल्लेबाजी के सभी रिकॉर्ड अपने नाम रखने वाले दिग्गज बल्लेबाज वसीम जाफर इस सीजन के बाद क्रिकेट को अलविदा कह सकते हैं। हालांकि विदर्भ के बल्लेबाज से स्पष्ट रूप से तो कुछ नहीं कहा, लेकिन रविवार को उन्होंने कहा कि वह इस रणजी सीजन के बाद फुल टाइम कोचिंग के लिए सोच रहे हैं। यह सीजन उनका आखिरी सीजन हो सकता है। जाफर ने यह बातें अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली के खिलाफ खेले जा रहे रणजी ट्रॉफी मैच के पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद कही।

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किंग्स इलेवन पंजाब के बल्लेबाजी कोच हैं

विदर्भ और मुंबई की टीम की तरफ से कई बार रणजी ट्रॉफी खिताब अपने नाम रखने वाले वसीम जाफर को इस बार किंग्स इलेवन पंजाब ने बतौर बल्लेबाजी सलाहकार अपनी टीम से जोड़ा है। पिछले साल बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से भी जुड़े थे और वहां के युवा बल्लेबाजों को कोचिंग दी थी। जाफर ने बताया कि आईपीएल-2020 के लिए उनका करार रणजी सीजन से पहले नहीं हुआ था। यह अभी हुआ है। बांग्लादेश के साथ करार पिछले सीजन के बाद हुआ था। बांग्लादेश के साथ उनका करार, तब का है, जब वह खेल नहीं रहे होते हैं।

खेलने के साथ कोचिंग करना लगता है अच्छा

घरेलू क्रिकेट में बल्लेबाजी के बादशाह माने जाने वाले जाफर ने कहा कि खेलने के साथ कोचिंग करना उन्हें अच्छा लगता है। उन्होंने कहा कि वह अभी सक्रिय रूप से खेल रहे हैं, इसलिए उन्हें पता है कि बच्चों के साथ क्या समस्या है या उनके साथ क्या मानसिक समस्या हो सकती हैं। चूंकि वह खेल रहे हैं, इसलिए उन समस्याओं को अच्छी तरह से समझ सकते हैं और वह उन्हें सुलझा भी सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए फायदे की बात है कि वह खेल रहा हैं। वह जानते हैं बच्चों की समस्याओं को, इसलिए वह अगर यहां से सीधे कोचिंग में जाते हैं तो उन्हें लगता है की वह उनकी समस्याओं को समझ सकते हैं।

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विदर्भ में मेंटर की भूमिका में हैं

जाफर ने कहा कि वह बड़े पैमाने पर कोचिंग के बारे में सोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्रिकेट से ही जुड़ा रहना उन्हें पसंद है। अगर वह कोचिंग में रहे तो यह उनके पसंद का काम होगा। उन्होंने कहा कि विदर्भ के कोच हैं। वह उनकी भी मदद करने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा वह खिलाड़ियों और कोच के बीच सेतु बनने की कोशिश करते हैं। एक पंक्ति में कहा जाए तो वह विदर्भ के लिए लगभग मेंटर की भूमिका में ही खेल रहे हैं।