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अमृतसर बम विस्फोट को लेकर बड़ा खुलासा, पुलिस ने इस संगठन के लोगों को हिरासत में लिया

अमृतसर में रविवार को निरंकारी भवन में सत्संग के दौरान हुए ग्रेनेड हमले के संबंध में पंजाब पुलिस ने अलगाववादी संगठनों के कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।
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नई दिल्ली

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Amit Kumar Bajpai

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Updated: 20 Nov 2018, 2:04 PM IST

amritsar blast

अमृतसर बम धमाकाः हमले की जांच जिम्मा NIA ने संभाला, बठिंडा से दो गिरफ्तार, दो संदिग्धों के स्केच जारी

अमृतसर।अमृतसर में रविवार को निरंकारी भवन में सत्संग के दौरान हुए ग्रेनेड हमले के संबंध में पंजाब पुलिस ने अलगाववादी संगठनों के कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। मंगलवार को पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी। पंजाब पुलिस की विभिन्न टीमों ने अमृतसर और भठिंडा जिलों सहित तमाम स्थानों पर द्वारा छापा मारकर सिख कट्टरपंथियों को हिरासत में लिया। हालांकि, पुलिस ने आधिकारिक तौर न तो हिरासत की पुष्टि की है और न इनकार किया है।

इससे पहले पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुरेश अरोड़ा ने कहा था कि ग्रेनेड हमले के पीछे 'स्थानीय' तत्वों का हाथ हो सकता है। रविवार को अमृतसर से लगभग 15 किमी दूर राजसांसी इलाके के अदलीवाल गांव में एक धार्मिक सभा में चेहरा ढककर मोटरसाइकिल से आए दो युवक ग्रेनेड फेंककर फरार हो गए थे, इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 20 अन्य घायल हो गए थे।

सभी पीड़ित पास के गांवों के निरंकारी अनुयायी थे, जो साप्ताहिक धार्मिक सभा के लिए एकत्र हुए थे। पुलिस अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि अपराधियों को पकड़ने के लिए विभिन्न सुरागों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सोमवार को कहा था कि हमले में पाकिस्तान का हाथ मालूम पड़ता है क्योंकि प्रारंभिक जांच में इस बात के संकेत मिले हैं कि इस्तेमाल किया गया ग्रेनेड वैसा ही था जैसा पाकिस्तानी सेना आयुध कारखाने द्वारा बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा था, "सबसे पहले, यह आईएसआई समर्थित खालिस्तान या कश्मीरी आतंकवादी समूहों की भागीदारी के साथ अलगाववादी ताकतों द्वारा एक आतंकवादी कृत्य मालूम पड़ता है।" उन्होंने कहा, "मेरी सरकार ने घटना को गंभीरता से लिया है और पूरी तरह से जांच के सभी कोणों पर ध्यान दे रही है।"

उन्होंने हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए उनके बारे में जानकारी देने पर 50 लाख रुपये इनाम के तौर पर देने की भी घोषणा की। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और फोरेंसिक विशेषज्ञ जांच में मदद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि रविवार की घटना स्पष्ट रूप से आतंकवाद का मामला है और इस घटना के पीछे कोई धार्मिक संबंध नहीं है।