
नई दिल्ली। हैदराबाद में महिला वेटनरी डॉक्टर से गैंगेरेप के बाद जलाकर हत्या करने के मामले ने पूरे देश में हाहाकार मचा दिया था। इस घटना के बाद अब आंध्र प्रदेश में रेप-मर्डर की एक और फाइल खुलने वाली है। यह मामला 12 साल बाद फिर से खुलने वाला है।
बता दें कि इस मामले की जांच सीबीआई फिर से करेगी। जानकर हैरानी होगी की इस मामले में पीड़िता को बॉडी को 12 साल बाद कब्र से निकाल कर पोस्टमाॉर्टम के लिए निकाला जाएगा, जो केस की जांच के लिए काफी अहम होगा।
क्या है मामला
आंध्र प्रदेश में रेप-मर्डर का यह मामला 2007 का है। यहां के विजयवाड़ा में 19 साल की फार्मेसी की एक स्टूडेंट का पहले रेप किया गया। इसके बाद उसका मर्डर कर दिया गया था। जिसके बाद लड़की की बॉडी बाथरूम में मिली।
उसकी बॉडी खून में लिपटी थी और घाव के कई निशान थे। इस दौरान घटनास्थल से एक चिट्ठी भी मिली थी। चिट्ठी में लिखा था कि लड़की का रेप और मर्डर इसलिए किया गया क्योंकि उसने प्यार को ठुकरा दिया था।
इस घटना ने सभी को हिला दिया था। महिला और समाजिक संगठनों ने पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की थी। घटना की जांच के बाद पुलिस ने एक साल बाद सत्यम बाबू नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने कहा था कि सत्यम पहले भी इस तरह की कई घनटाओं में शामिल था। उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
14 साल की मिली सजा
अदालत ने आरोपी सत्यम बाबू को 14 साल की सजा सुना दी। लेकिन सत्यम के रिश्तेदारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने सजा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस असली गुनहगार को बचाने के लिए ये सब कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सत्यम बाबू चल फिर नहीं सकते हैं और उन्हें न्यूरो संबंधित बीमारी भी है। लेकिन इन सब के बावजूद विजयवाड़ा की कोर्ट ने सत्यम बाबू को 14 साल की सजा सुना दी।
इस मामले को लेकर सत्यम बाबू ने हाई कोर्ट में अपील की। कोर्ट ने आठ साल बाद उन पर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया। वहीं, 8 साल जेल में रहने की वजह से उन्हें महज 1 लाख रुपए का मुआवजा भी दिया गया। अब इस मामले को फिर से खोला जा रही है। सीबीआई इस केस की जांच करेगी और असली आरोपी को खोज निकालने में जुट गई है।
Updated on:
14 Dec 2019 02:42 pm
Published on:
14 Dec 2019 02:23 pm
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