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दिल्ली आईआईटी छात्र ने की खुदकुशी, 10 साल तक भाई करते रहे कुकर्म

सुसाइड नोट में लिखा है कि उसके मामा और मौसी के बेटे बचपन से उसके साथ कुकर्म करते थे। जिसने तंग होकर उसने खुदकुशी कर ली है।
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Chandra Prakash Chourasia

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Updated: 14 Apr 2018, 10:59 AM IST

Delhi IIT student

नई दिल्ली।आईआईटी दिल्ली के एक छात्र ने शुक्रवार की रात हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। 21 वर्षीय छात्र गोपाल एमएसई रसायन विज्ञान के प्रथम वर्ष का छात्र था। युवक के कमरे से बांग्ला भाषा में लिखा एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें लिखा है कि उसके मामा और मौसी के बेटे बचपन से उसके साथ कुकर्म करते थे। जिसने तंग होकर उसने खुदकुशी कर ली है।

पहले भी की थी खुदकुशी की कोशिश
पश्चिम बंगाल के रहने वाले इस छात्र ने 10 अप्रैल को भी खुदकुशी की कोशिश की थी। उसने नींद की करीब 50 गोलियां एकसाथ खा ली थी। कुछ ही देर बाद उसके दोस्त कमरे में आए तो वो बेहोश पड़ा था। आनन फानन में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की उसकी जान बचा ली।

हॉस्टल के कमरे में लगाई फांसी
गुरुवार को अस्पताल से हॉस्टल लौटने के बाद वो काफी शांत था। उसने रात में अपने साथियों को कमरे से बाहर कर दिया और दरवाजा बंद कर लिया। शुक्रवार की सुबह जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो शक होने पर दरवाजा जबरदस्ती खोला गया, तब जाकर हादसे का पता चला।

11 साल की उम्र से भाई कर रहे थे कुकर्म
पुलिस को छात्र हॉस्टल के कमरे से बांग्ला भाषा में लिखा एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें खुदकुशी की वजह हैरान करने वाली है। छात्र ने लिखा है कि उसके मामा और मौसी के बेटे 11 साल की उम्र से ही उसके साथ कुकर्म कर रहे हैं। दोनों दवाब बना रहे हैं कि आईआईटी दिल्ली से लौटने के बाद वो बंगाल में रहे। जिसे लेकर वो काफी परेशान है। छात्र ने लिखा है कि इतना होने के बाद वो जिंदा नहीं रहना चाहता, इसलिए जान दे रहा है।

पुलिस ने दर्ज किया जीरो एफआईआर
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सुसाइड नोट में मृतक छात्र ने अपने दो भाइयों पर कुकर्म का आरोप लगाया है। दोनों के खिलाफ फिलहाल जीरो एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। बंगाल पुलिस को मामले की जांच सौंपी जाएगी।